महिला पहलवान यौन शोषण मामला: 'पल्स रेट जांचना अपराध नहीं', आरोपी बृजभूषण सिंह के वकील ने कोर्ट में दी दलील
कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर जो आरोप लगे हैं उनका कोई आधार नहीं है। वकील ने अदालत से कहा कि बिना यौन इरादे के पल्स रेट की जांच करना कोई अपराध नहीं है।
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महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह भी सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे। कोर्ट में बृजभूषण शरण सिंह के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर जो आरोप लगे हैं उनका कोई आधार नहीं है। अदालत ने आगे की बहस के लिए मामले की अगली तारीख 19 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध की है।
वकील ने अदालत से कहा कि बिना यौन इरादे के पल्स रेट की जांच करना कोई अपराध नहीं है। बृज भूषण शरण सिंह और विनोद तोमर पर छह महिला पहलवानों की शिकायतों के आधार पर दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में आरोप पत्र दायर किया गया है।
कोर्ट में बृजभूषण के वकील ने दलील देते हुए कहा कि जो ओवरसाइट कमेटी का गठन हुई थी वो किसी शिकायत के आधार पर नहीं बनी थी। केंद्रीय खेल मंत्री को टैग कर किए गए कुछ ट्वीट के आधार पर इसका गठन हुआ था। अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने बृजभूषण शरण सिंह के वकील की दलील सुनने के बाद मामले को आगे की बहस के लिए 19 अक्तूबर के लिए सूचीबद्ध किया है।