'भाजपा नेता तेवतिया पर हमले के पीछे 17 साल पुरानी रंजिश'
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भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बुधवार दिन में प्रेस कांफ्रेंस कर यह जानकारी दी कि मामले में चार शूटरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि तेवतिया पर हमले के पीछे गांव की पुरानी रंजिश है।
आईजी सुजीत पांडे के मुताबिक, जिन चार शूटरों को पकड़ा गया है, उनके नाम राहुल, राम, जितेंद्र और निशांत हैं। शूटरों के तार वेस्टर्न बिहार से भी जुड़ रहे हैं, इसके अलावा शूटर दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी के बताए जा रहे हैं।
आईजी पांडे ने बताया कि आरोपी राम ने घटना वाले पूरे दिन तेवतिया का पीछा किया था और उनके मूवमेंट की सूचना अपने साथियों को देता रहा था। निशांत नाम का जो शूटर गिरफ्तार किया गया है वो उसी कार में था जो मौके से बरामद की गई थी।
निशांत साजिश रचने वालों में से एक है। गिरफ्तार हुआ राहुल त्यागी की तेवतिया पर हमले में मुख्य भूमिका रही है और जीतेंद्र ने शूटरों को अरेंज करने में मदद की थी। गौरतलब है कि इस मामले की गूंज लखनऊ तक है, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर जिसकी खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं और एसटीएफ भी लगी हुई है।
बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के करीबी माने जाने वाले कविनगर निवासी भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर बृहस्पतिवार को मुरादनगर के रावली रोड पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें तेवतिया समेत सात लोग घायल हो गए थे। उनका फोर्टिस अस्पताल में उपचार चल रहा है। छह दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी ने होने से पुलिस की काफी किरकिरी हो रही है।
दीवान के बेटे ने खाई थी बदला लेने की कसम
आईजी ने बताया कि भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर जानलेवा हमले के पीछे उनके गांव की पुरानी रंजिश सामने आई है। पुलिस ने भाजपा नेता का रिकॉर्ड खंगाला। पुलिस के अनुसार हत्या के तीन मामलों में ब्रजपाल तेवतिया का नाम सामने आ चुका है।
हत्या के एक मामले में भाजपा नेता से बदला लेना है, ऐसी कसम पीड़ित परिवार के लोगों ने खाई हुई थी। इन्हीं बिंदुओं पर बारीकी से जांच चल रही है। हालांकि अभी मुख्य आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है।
गाजियाबाद निवासी भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया मूल रूप से महरौली, गाजियाबाद के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार वर्ष 1999 में गांव के मनोज तेवतिया के भाई सुरेश ‘दीवान’ का मर्डर हुआ था। जिसमें ब्रजपाल का नाम सामने आया था।
दीवान की हत्या का बदला लेने के लिए हुआ तेवतिया पर हमला
मनोज का बहनोई संसार सरधना (मेरठ) के छुर गांव का निवासी है। जिसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस अंदेशा जता रही है कि सुरेश दीवान की हत्या का बदला लेने के लिए ब्रजपाल तेवतिया पर हमला हुआ है।
पुलिस ने छुर गांव में दबिश दी तो संसार सिंह के न मिलने पर उसकी पत्नी को ले गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो सुरेश दीवान ने बेटे मोहित ने अपने पिता की हत्या का बदला लेने का एलान गांव में किया था।
जिसको लेकर परिवार के लोगों की पंचायत भी हुई थी। इस परिवार के लोगों ने पुरानी रंजिश को दोबारा से तूल देने पर मोहित को रोका। लेकिन वह जिद पर अड़ा था। जिसके चलते परिवार के लोगों ने मोहित से किनारा कर लिया था।
महिला कांस्टेबल को क्लीन चिट
पुलिस ने बागपत से हिरासत में ली गई महिला कांस्टेबल सुनीता तेवतिया निवासी अगौता बुलंदशहर को क्लीन चिट दे दी। पुलिस ने बताया कि महिला कांस्टेबल के पति राकेश निवासी हसनपुर, गाजियाबाद की हत्या हुई थी। जिसमें भाजपा नेता ब्रजपाल का नाम सामने आया था। पुलिस ने कांस्टेबल से पूछताछ कर उसे छोड़ दिया है।
विस चुनाव की थी तैयारी
भाजपा नेता पर एके-47 से हमला करना और घटनास्थल पर हथियार छोड़ने ने ऐसा प्रतीत होता है कि कोई बड़ा गैंग है। पुलिस का दावा है कि गाजियाबाद और नोएडा में कुख्यात सुंदर भाटी या फिर अनिल दुजाना गैंग सक्रिय है। भाजपा नेता पर हमला कराने में उक्त दोनों गैंग का सहारा लिया गया है।
कोट
भाजपा नेता पर हमले के पीछे अब तक पुलिस जांच में गांव की रंजिश सामने आ रही है। पुलिस हर प्वाइंट पर जांच कर रही है। एके-47 से हमले के पीछे बड़ी साजिश है। वारदात का जल्द खुलासा करेंगे।- सुजीत पांडेय, आईजी जोन
ब्रजपाल तेवतिया हमले में एक महिला पार्षद हिरासत में
भाजपा नेता ब्रजपाल तेवतिया पर हमले में मंगलवार को पुलिस के एक महिला पार्षद को हिरासत में लिया है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। उधर, खुलासे में जुटी पुलिस टीम के एक एसओ ने बताया कि बुधवार दोपहर तक मामला का खुलासा हो सकता है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम हमलावरों को पकड़ने में जुटी पुलिस टीम ने एक महिला पार्षद को हिरासत में लिया है। महिला पार्षद के परिवार से जुड़े एक व्यक्ति का दशक पहले पुलिस मुठभेड़ में मारे गए दो गैंग के सदस्यों से जुड़ाव रहा है।
अभी जांच के लिए नहीं भेजी गई एके 47
पुलिस मुठभेड़ में पुलिस को मिली हमलावरों की एके 47 अभी तक जांच के लिए भेजी नहीं गई है। बताया जाता है कि एके 47 से नंबर मिटा है। इसके चलते उसे जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाना था। मगर पुलिस ने एके 47 अभी तक जांच के लिए नहीं भेजी है। कोतवाली प्रभारी बृजेश शर्मा ने बताया कि एके 47 को जांच के लिए भेजने संबंधी अधिकारियों से बातचीत हो रही है। वर्तमान में वह मोदीनगर कोतवाली में जमा है।