फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Brain stroke is no longer just an ailment of the elderly; cases are rising rapidly among the youth

Delhi NCR News: ब्रेन स्ट्रोक अब सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं, युवाओं में तेजी से बढ़ रहे मामले

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 09:49 PM IST
विज्ञापन
विश्व मस्तिष्क दिवस पर डॉक्टरों ने दी चेतावनी, 80 प्रतिशत स्ट्रोक को जीवनशैली में बदलाव से कम किया जा सकता है
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बदलती लाइफस्टाइल, तनाव, हाई बीपी, शुगर और धूम्रपान की वजह से अब ब्रेन स्ट्रोक सिर्फ बुजुर्गों की बीमारी नहीं रही है। 30 से 50 साल के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विश्व मस्तिष्क दिवस के मौके पर सोमवार को आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टरों ने यह जानकारी दी।
एक निजी अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग में आने वाले 30 फीसदी से ज्यादा मरीज ब्रेन स्ट्रोक के हैं। भारत में हर साल 12 से 18 लाख नए स्ट्रोक के मामले सामने आते हैं। आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार, हर सात में से एक मरीज की उम्र 18 से 44 साल के बीच है। 40 फीसदी मरीज लक्षण आने के 24 घंटे बाद अस्पताल पहुंचते हैं, जिससे इलाज में देरी हो जाती है।
विज्ञापन

न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. सुनील कुमार बरनवाल ने कहा कि स्ट्रोक में हर मिनट की देरी पर करीब 190 करोड़ मस्तिष्क कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। गोल्डन आवर के भीतर इलाज मिलने पर जान बच सकती है और लकवा का खतरा कम हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. रजत चोपड़ा ने बताया कि आधुनिक एमआरआई, स्ट्रोक टीम और फिजियोथेरेपी से गंभीर मरीज भी ठीक होकर घर जा रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बीपी-शुगर-कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करके, धूम्रपान छोड़कर व नियमित व्यायाम से 80 प्रतिशत स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed