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ब्रेन टयू्मर से पीड़ित महिला को आपरेशन के लिए मिली 2018 की डेट, कोर्ट चिंतित
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 27 Aug 2016 09:02 AM IST
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ब्रेन टयू्मर से पीड़ित महिला को आपरेशन के लिए अगस्त 2018 की डेट देने पर हाईकोर्ट ने चिंता जताई है। अदालत ने कहा उनका मानना है कि गरीबों और हम सभी के लिए मुफ्त इलाज उपलब्ध कराना एक समस्या है और इसका समाधान खोजने की जरूरत है।
फिलहाल अदालत ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित गरीब मरीजों का जल्द, समय से व निशुल्क इलाज कैसे कराया जाए इस बारे में केंद्र, दिल्ली सरकार व एम्स से सुझाव मांगे हैं।
न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने तीनों को दो सप्ताह में अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि गरीब लोगों को मुफ्त इलाज देने में परेशानियां हैं और हम सभी को मिलकर इसका समाधान तलाशना होगा।
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अदालत ने कहा कि एम्स सुझाव दें की निजी अस्पताल में गरीब लोगों के लिए आरक्षित बेड़ों का कैसे इस्तेमाल किया जाए, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबे समय के लिए इंतजार न करना पड़ें।
अदालत ब्रेन ट्यूटर से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर 45 वर्षीय मीरा देवी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। अदालत ने कहा कि यह भी गंभीर बात है कि याची को तुंरत आपरेशन की जरूरत है लेकिन उसे अगस्त 2018 की डेट दी गई है।
सुनवाई के दौरान एक गैर सरकारी संगठन ने अदालत को बताया कि महिला को जीबी पंत अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसका ध्यान रखा जा रहा था। अदालत ने उक्त तथ्य पर संतुष्टïी जताते हुए कहा कि महिला की हालत अब नियंत्रण में है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 19 अक्तूबर तय करते हुए सभी संबंधित पक्षों को अपने सुझाव पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा वे जल्द सुझाव दे ताकि गरीब लोगों को इतने लंबे समय तक अपने इलाज के लिए इंतजार करने की जरूरत न पड़े।
क्या है मामला-पेश मामले में संजय कालोनी, ओखला निवासी मीरा देवी (45) के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किला का पति प्राइवेट नौकरी करता है और मात्र नो हजार रुपये प्रति माह कमाता है।
मीरा की तबीयत बिगडने पर उसे एम्स में दिखाया गया। जहां उसके सिर की एमआरआई करवाने के लिए कहा गया। इसके लिए एक माह की डेट दी। डाक्टरों ने कहा कि एमआरआई जल्द करवानी जरूरी है ऐसे में किसी तरह परिवार ने पांच हजार रुपये का प्रबंध कर निजी लैब से एमआरआइ करवाई।
एमआरआई देखने पर डाक्टरों बताया की मीरा को ब्रेन ट्यूमर है और उसे 19 अगस्त 2018 को आने के लिए कहा। इस बीच तबीयत अधिक बिगडने पर मीरा देवी चलने में असमर्थ हो गई और उसे निरंतर सिर दर्द, शरीर में दर्द , बुखार रहने लगा।
याची का दावा है कि जब उसे दोबारा एम्स ले जाया गया, तो डाक्टरों ने कहा कि यदि वह सवा लाख रुपये का प्रबंध कर ले तो एम्स के निजी वार्ड में भर्ती कर दिसंबर 2016 में ही उसकी सर्जरी कर दी जाएगी।
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फिलहाल अदालत ने गंभीर बीमारियों से ग्रसित गरीब मरीजों का जल्द, समय से व निशुल्क इलाज कैसे कराया जाए इस बारे में केंद्र, दिल्ली सरकार व एम्स से सुझाव मांगे हैं।
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न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा ने तीनों को दो सप्ताह में अपना जवाब दायर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि गरीब लोगों को मुफ्त इलाज देने में परेशानियां हैं और हम सभी को मिलकर इसका समाधान तलाशना होगा।
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अदालत ने कहा कि एम्स सुझाव दें की निजी अस्पताल में गरीब लोगों के लिए आरक्षित बेड़ों का कैसे इस्तेमाल किया जाए, जिससे मरीजों को इलाज के लिए लंबे समय के लिए इंतजार न करना पड़ें।
अदालत ब्रेन ट्यूटर से पीड़ित आर्थिक रूप से कमजोर 45 वर्षीय मीरा देवी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। अदालत ने कहा कि यह भी गंभीर बात है कि याची को तुंरत आपरेशन की जरूरत है लेकिन उसे अगस्त 2018 की डेट दी गई है।
सुनवाई के दौरान एक गैर सरकारी संगठन ने अदालत को बताया कि महिला को जीबी पंत अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां उसका ध्यान रखा जा रहा था। अदालत ने उक्त तथ्य पर संतुष्टïी जताते हुए कहा कि महिला की हालत अब नियंत्रण में है।
अदालत ने मामले की सुनवाई 19 अक्तूबर तय करते हुए सभी संबंधित पक्षों को अपने सुझाव पेश करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा वे जल्द सुझाव दे ताकि गरीब लोगों को इतने लंबे समय तक अपने इलाज के लिए इंतजार करने की जरूरत न पड़े।
क्या है मामला-पेश मामले में संजय कालोनी, ओखला निवासी मीरा देवी (45) के अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने अदालत को बताया कि उनकी मुवक्किला का पति प्राइवेट नौकरी करता है और मात्र नो हजार रुपये प्रति माह कमाता है।
मीरा की तबीयत बिगडने पर उसे एम्स में दिखाया गया। जहां उसके सिर की एमआरआई करवाने के लिए कहा गया। इसके लिए एक माह की डेट दी। डाक्टरों ने कहा कि एमआरआई जल्द करवानी जरूरी है ऐसे में किसी तरह परिवार ने पांच हजार रुपये का प्रबंध कर निजी लैब से एमआरआइ करवाई।
एमआरआई देखने पर डाक्टरों बताया की मीरा को ब्रेन ट्यूमर है और उसे 19 अगस्त 2018 को आने के लिए कहा। इस बीच तबीयत अधिक बिगडने पर मीरा देवी चलने में असमर्थ हो गई और उसे निरंतर सिर दर्द, शरीर में दर्द , बुखार रहने लगा।
याची का दावा है कि जब उसे दोबारा एम्स ले जाया गया, तो डाक्टरों ने कहा कि यदि वह सवा लाख रुपये का प्रबंध कर ले तो एम्स के निजी वार्ड में भर्ती कर दिसंबर 2016 में ही उसकी सर्जरी कर दी जाएगी।