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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   BP and sugar checkups are essential after the age of 30: AIIMS

30 की उम्र के बाद बीपी और शुगर जांच जरूरी : एम्स

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 29 Sep 2025 09:42 PM IST
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- हार्ट की बीमारी बचपन से होती है शुरू, मोटापा बीमारियों को करता है आमंत्रित
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। विश्व हृदय दिवस के मौके पर सोमवार को एम्स में हृदय स्वास्थ्य पर पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। इसमें एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने हृदय की बीमारियों से बचाव से लेकर कैसे रखे दिल का ख्याल, को लेकर सुझाव दिए। कार्डियोलॉजी विभाग में प्रो. डॉ. अंबुज राय ने कहा कि 30 साल की उम्र के बाद बीपी और शुगर की रूटीन जांच जरूरी है। अधिकांश लोगों को बीपी हाई होने पर उसके लक्षण नहीं होते है। मगर, वह अंदर शरीर को नुकसान पहुंचा रहा होता है। शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच भी आवश्यक है। युवाओं में हार्ट अटैक होने की वजह धूम्रपान करना भी है।

तनाव से भी हृदय संबंधी दिक्कतें होती हैं। उसको भी योग के जरिए दूर किया जा सकता है। हार्ट की बीमारी से बचाव के लिए हफ्ते में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें। सही खानपान, हरी सब्जी-फल, श्री अन्न का इस्तेमाल करें। खाना बनाने में सरसों के तेल, मूंगफली के तेल, सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल करें। अगर आप एक-दो चम्मच घी का उपयोग करते हैं तो उससे कोई दिक्कत नहीं है। सैचुरेटेड ऑयल के उपयोग से बचना चाहिए। यह शरीर में फैट बढ़ाता है।
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सीपीआर सबको देना आना चाहिए

उन्होंने कहा कि हार्ट अटैक आने पर सही समय पर इलाज मिलना जरूरी है। सीपीआर सबको देना आना चाहिए। पहले तीन मिनट में सीपीआर देकर व्यक्ति को बचा सकते हैं। अगले माह सरकार इस संबंध में जागरूकता दिवस भी मनाएगी। अगर आपको आधे घंटे से ज्यादा समय से छाती में भारीपन, दर्द और जलन हो रही है तो उसे संदिग्ध रखे। ईसीजी कराएं। गैस का दर्द मानकर उसको नजर अंदाज न करें। पैनल में शामिल प्रोफेसर डॉ. संदीप सिंह ने कहा कि छाती का दर्द एंजाइना पेन भी हो सकता है। उसमें छाती में खिंचावट, हल्का दबाव महसूस होना, थोड़ी दूर चलने पर दर्द महसूस होता है। कई बार दर्द हार्ट की नसों में भी हो सकता है।
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ब्लड सप्लाई कम होने पर दर्द होता है शुरू

डॉ. संदीप सेठ ने कहा कि हार्ट एक पंप है। जब ब्लड की सप्लाई कम होने लगती है तो दर्द शुरू होता है। बहुत ज्यादा कम होने पर दर्द तेज होगा और ब्लॉकेज की स्थिति में अधिक दर्द होगा। यह एक चेतावनी होती है। ब्लड प्रेशर ठीक रखेंगे तो हार्ट पर दबाव नहीं पड़ेगा। डॉ. सौरभ गुप्ता ने कहा कि बच्चों में भी हार्ट की दिक्कत होती है। बच्चों का ज्यादा वजन, मोबाइल देखना, टीवी देखने से उनमें बीपी ज्यादा रहने की संभावना रहती है। बच्चों में अगर हाइपरटेंशन और मोटापा है तो वह बीमारियों को आमंत्रित करता है। इसके लिए माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए। हार्ट की बीमारी बचपन से शुरू होती है। 10-20 साल की उम्र काफी हद तक आगे की बीमारियों को तय करती है। वहीं से ध्यान रखना होगा। इस मौके पर एम्स निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास और कार्डियोलॉजी विभाग प्रमुख डॉ. राजीव नारंग भी मौजूद रहे।
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