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भाई-बहन ने मिलकर शर्मसार किया 'रिश्ता'

Sat, 08 Nov 2014 07:53 AM IST
Updated Sat, 08 Nov 2014 07:53 AM IST
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bother and sister abducted their old sister

राजधानी के पॉश इलाके गुलमोहर पार्क निवासी 59 वर्षीय निर्मला को उसी की 61 वर्षीय बहन व भाई द्वारा बंधक बनाने का आरोप लगा है।

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हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता ऋचा कपूर को लोकल कमिश्नर नियुक्त करते हुए उसे महिला के घर जाकर पूरी तहकीकात कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति एस रविन्द्र भट्ट व न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने यह आदेश निर्मला के पडोस में रहने वाले पारिवारिक मित्र 81 वर्षीय एसपीके गुप्ता द्वारा मानवता के नाते दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। अदालत ने लोकल कमिश्नर को 19 नवंबर तक रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
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शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ा

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याची के अधिवक्ता सुनील अग्रवाल ने खंडपीठ को बताया कि निर्मला के पिता एमआर वारेरकर की मृत्यु 30 जुलाई 2007 में और मां का देहांत 2013 में हो गया। उन्होंने माता-पिता की मौत के बाद निर्मला व उसकी बड़ी बहन अंजलि पारिवारिक मकान में रहने लगे जबकि भाई पराग गुड़गांव में रह रहा है।

उन्होंने कहा निर्मला कवि, पेंटर, ओपेरा सिंगर के अलावा भाषाविद हैं। वह ओपेरा के अध्ययन के लिए फ्रांस भी गईं और 1993 में वहां से वापस आईं। बीमारी में गलत उपचार के कारण उनके शरीर पर दुष्प्रभाव पड़ा था।

उन्होंने 25 मार्च 2014 को उनके मुवक्किला के पास निर्मला का का फोन आया कि उसकी बहन बिना डॉक्टर के परामर्श व उसकी इच्छा के खिलाफ दवा दे रही हैं और किसी को भी न बताने की धमकी दी है। इसके अलावा उसे खाना भी कम दिया जा रहा है और उसकी जान को खतरा है।

अधिवक्ता ने बताया कि उनके मुवक्किल ने पराग को बुलाकर बात की तो उसने बहन से बात करने का आश्वासन दिया। इसके बाद निर्मला को उनसे मिलने दिया जाने लगा व उसका व्यवहार सामान्य था।

जान को खतरा

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सितंबर माह से निर्मला को उनसे नहीं मिलने दिया गया व 22 सितंबर को बताया गया कि निर्मला को पुनर्वास सेंटर में भर्ती करवाया गया है, लेकिन कहां नहीं बताया। इसके बाद अंजलि ने बात करना ही बंद कर दिया। उनके मुवक्किल ने पुलिस आयुक्त को मेल करने के अलावा हौज खास थाने में निर्मला को बंधक व उसकी जान को खतरा बताते हुए शिकायत की लेकिन कुछ नहीं हुआ।

उन्होंने अदालत ने पुलिस को निर्मला को उसकी मेडिकल रिपोर्ट सहित अदालत में पेश करने, विशेषज्ञ डॉक्टरों से मेडिकल करवाने के अलावा निर्मला के भाई-बहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश देने का आग्रह किया।

उधर, पुलिस ने अदालत को बताया कि निर्मला विमहंस अस्पताल में थीं और 29 सितंबर से घर पर हैं। वहीं अंजलि व पराग के अधिवक्ता ने निर्मला की मेडिकल रिपोर्ट पेश करते हुए आरोपों को गलत बताया।

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