CBSE एग्जाम में बढ़ी सख्ती: बोर्ड परीक्षा में तीसरी आंख से रहेगी नजर, नया आदेश जारी; अब चीटिंग भी मुश्किल
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने 2025 की नीति को लागू कर दिया है। 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षा में छात्रों पर सीसीटीवी से निगरानी होगी। वर्ष 2025 में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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सीबीएसई भारत और 26 अन्य देशों के स्कूलों में दसवीं व बारहवीं के करीब 44 लाख विद्यार्थियों के लिए परीक्षाओं को आयोजित करेगा। इन परीक्षाओं के आयोजन के लिए लगभग 8000 स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। ऐसे में बोर्ड ने फैसला किया है कि परीक्षा केंद्र बनाए जाने वाले स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे की सुविधा होनी चाहिए। यदि किसी स्कूल में सीसीटीवी की सुविधा नहीं है, तो उस स्कूल को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग को भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
बोर्ड के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज की ओर से इस संबंध में स्कूलों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। डॉ. भारद्वाज के अनुसार परीक्षाएं सुचारू और निष्पक्ष रूप से आयोजित की जाएं, इसके लिए सीबीएसई द्वारा सीसीटीवी नीति विकसित की गई है। उन्होंने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे नीति के अनुसार अपने स्कूलों में सीसीटीवी लगवाना सुनिश्चित करें। इस नीति का मुख्य उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं के दौरान अनुचित व्यवहार (नकल के मामलों) का पता लगाकर उनका समाधान करना है।
सीसीटीवी से हुई रिकॉर्डिंग को परीक्षाओं के परिणाम जारी होने के दो महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा। परीक्षा केंद्र पर 10 कमरों या 240 छात्रों पर एक व्यक्ति को परीक्षा पर सतत निगरानी रखने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन दस कमरों पर एक निरीक्षक की नियुक्ति होगी जो कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को नियमित रूप से देखेगा और यदि अनुचित साधन के प्रयोग का कोई मामला है तो इसकी रिपोर्ट बोर्ड को देगा।