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निजी ब्लड बैंक से खून और प्लेटलेट्स चढ़ाना हुआ महंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 09 Jul 2015 05:49 PM IST
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मरीजों को निजी ब्लड बैंक से लेकर खून और रेड सेल लेना अब महंगा हो गया है। पुराने दर के मुकाबले नए दर में करीब तीन गुना अधिक है।
जबकि प्लाजमा और प्लेटलेट अब मरीजों को सस्ता उपलब्ध कराया जाएगा। यह करीब तीन गुना सस्ता हो गया है। प्लाजमा और प्लेटलेट्स सस्ते होने से डेंगू-मलेरिया के मरीजों को राहत होगी।
वहीं लाल रक्त कोशिका के दाम में बढ़ोतरी से थैलेसिमिया और कैंसर रोगियों को अधिक कीमत चुकानी होगी। इमरजेंसी की सूरत में अपरिवर्तित रक्त के लिए अधिक कीमत देना होगा।
दरअसल, निजी ब्लड बैंक अपरिवर्तित रक्त के दामों को बढ़ाने को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे थे। रक्त को संभाल कर रखने और मरीजों तक सुरक्षित पहुंचाने में ब्लड बैंक संचालकों को अधिक खर्च करना पड़ता है।
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इसकी वजह से हाल ही में एसोसिएशन ने एक बैठक कर इस बाबत सरकार को प्रस्ताव भी दिया था। बता दें कि एड्स नियंत्रण कंट्रोल ने रक्त ने भी रक्त के दामों को नई गाइडलाइन जारी की थी।
जिसके बाद से दाम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा था। हाल ही में खाद्य एवं औषद्यि विभाग और निजी ब्लड बैंक के साथ हुई बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगी।
ब्लड बैंक संचालकों का कहना है कि 60 से 80 लाख रुपये में ब्लड सेपरेटर मशीन आती है। पैथोलॉजी, लैब टेक्निशियन और अन्य खर्च के बाद यह जरूरी हो जाता है। सरकार की ओर से कोई रियायत भी नहीं दी जाती है। समाज सेवा के साथ खर्च निकालने के लिए यह जरूरी था। अब नई दरों पर लोगों को मुहैया कराया जा रहा है। बता दें कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को सरकारी ब्लड बैंक से मुफ्त में देने का प्रावधान है।
पुराने दामों पर एक नजर------नए दाम---------पुराने दाम
-अपरिवर्तित रक्त--------------1450-------------500
-लाल रक्त कोशिका------------1450-------------500
-फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा-----------400-------------1100
-प्लेट्लेट्स---------------------400-------------1100
-एसडीपी---------------------11000------------1200
कुलदीप राठी, ज्वाइंट सेक्रेटरी, निजी ब्लड बैंक एसोसिएशन: लागत के मुकाबले दाम बहुत कम थे। जिसकी वजह से अपरिवर्तित रक्त के दामों में इजाफा किया गया है, लेकिन जरूरी मरीजों को ध्यान में रखते हुए कुछ ब्लड कंपोनेंट में कमी की गई है।
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जबकि प्लाजमा और प्लेटलेट अब मरीजों को सस्ता उपलब्ध कराया जाएगा। यह करीब तीन गुना सस्ता हो गया है। प्लाजमा और प्लेटलेट्स सस्ते होने से डेंगू-मलेरिया के मरीजों को राहत होगी।
वहीं लाल रक्त कोशिका के दाम में बढ़ोतरी से थैलेसिमिया और कैंसर रोगियों को अधिक कीमत चुकानी होगी। इमरजेंसी की सूरत में अपरिवर्तित रक्त के लिए अधिक कीमत देना होगा।
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दरअसल, निजी ब्लड बैंक अपरिवर्तित रक्त के दामों को बढ़ाने को लेकर लंबे समय से मांग कर रहे थे। रक्त को संभाल कर रखने और मरीजों तक सुरक्षित पहुंचाने में ब्लड बैंक संचालकों को अधिक खर्च करना पड़ता है।
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इसकी वजह से हाल ही में एसोसिएशन ने एक बैठक कर इस बाबत सरकार को प्रस्ताव भी दिया था। बता दें कि एड्स नियंत्रण कंट्रोल ने रक्त ने भी रक्त के दामों को नई गाइडलाइन जारी की थी।
जिसके बाद से दाम बढ़ाने पर विचार किया जा रहा था। हाल ही में खाद्य एवं औषद्यि विभाग और निजी ब्लड बैंक के साथ हुई बैठक में इस पर अंतिम मुहर लगी।
ब्लड बैंक संचालकों का कहना है कि 60 से 80 लाख रुपये में ब्लड सेपरेटर मशीन आती है। पैथोलॉजी, लैब टेक्निशियन और अन्य खर्च के बाद यह जरूरी हो जाता है। सरकार की ओर से कोई रियायत भी नहीं दी जाती है। समाज सेवा के साथ खर्च निकालने के लिए यह जरूरी था। अब नई दरों पर लोगों को मुहैया कराया जा रहा है। बता दें कि सरकारी अस्पताल में भर्ती मरीजों को सरकारी ब्लड बैंक से मुफ्त में देने का प्रावधान है।
पुराने दामों पर एक नजर------नए दाम---------पुराने दाम
-अपरिवर्तित रक्त--------------1450-------------500
-लाल रक्त कोशिका------------1450-------------500
-फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा-----------400-------------1100
-प्लेट्लेट्स---------------------400-------------1100
-एसडीपी---------------------11000------------1200
कुलदीप राठी, ज्वाइंट सेक्रेटरी, निजी ब्लड बैंक एसोसिएशन: लागत के मुकाबले दाम बहुत कम थे। जिसकी वजह से अपरिवर्तित रक्त के दामों में इजाफा किया गया है, लेकिन जरूरी मरीजों को ध्यान में रखते हुए कुछ ब्लड कंपोनेंट में कमी की गई है।