फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Blood donate through women helpline

अब महिला हेल्पलाइन 'खून' भी दिलाएगी

Mon, 23 Jun 2014 06:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 23 Jun 2014 06:12 AM IST
विज्ञापन
Blood donate through women helpline

महिला हेल्पलाइन 181 लेडीज को खून दिलाने में भी मदद कर रही है। पीड़ित अगर कॉल करती है और परिवार का कोई सदस्य खून देने के लिए मौजूद नहीं है या फिर अस्पताल में भर्ती होने के बाद परिजन छोड़कर चले गए हैं तो हेल्पलाइन कार्यकर्ता, ‘खून चाहिए’ एसएमएस भेज देते हैं।

विज्ञापन


खदीजा फारुकी का कहना है कि अगर कोई यह फोन करती है कि वह अस्पताल में भर्ती हैं और अस्पताल प्रशासन खून मांग रहा है और वहां कोई नहीं है तो महिलाओं के नेटवर्क को एसएमएस भेज दिया जाता है।
विज्ञापन


उनके पास उन महिलाओं के नंबर हैं, जिन्होंने कभी न कभी सहायता के लिए फोन किया है। जिनकी मदद हो जाती है, वे उनसे जुड़ जाती हैं।  

पूरे देश में हेल्पलाइन शुरू करने की कवायद
केंद्र सरकार ने राजधानी में महिला हेल्पलाइन 181 की कामयाबी को देखते हुए देश भर में हेल्पलाइन शुरू करने की कवायद शुरू कर दी है।

इसके लिए दिल्ली की 181 हेल्पलाइन टीम और देश के कुछ अन्य विशेषज्ञों की टीम से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने गम दिनों विचार-विमर्श किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



सूत्रों के अनुसार, बैठक में सुझाव दिया गया है कि हेल्पलाइन नंबर को वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर से जोड़ा जाए। ये सेंटर जिला अस्पताल, जिला पुलिस मुख्यालय और जिला अदालत में स्थापित किए जाएं।

इससे पीड़ित महिलाओं को सहायता मिलेगी। साथ ही तीनों वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर को हेल्पलाइन नंबर के कॉमन प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर से जोड़ना होगा।

दिल्ली हेल्पलाइन 181 की कंसल्टेंट और सामाजिक कार्यकर्ता खदीजा फारुकी ने सुझाव दिया कि राज्यों के साथ मिलकर महिला हेल्पलाइन नंबर या वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर की स्थापना करनी होगी। शुरुआत देशभर में एक साथ न करके, दो राज्यों से की जाए।

वन स्टॉप क्राइसिस सेंटर के लिए सुझाव
- जिला अस्पताल के क्राइसिस सेंटर में परीक्षण केंद्र, काउंसलिंग सेंटर और बच्चों के लिए एक कक्षा हो। यौन हिंसा से पीड़ित महिला के लिए वार्ड में बिस्तर निर्धारित हो।


- जिला पुलिस में स्थित सेंटर में पुलिस अधिकारी व काउंसलिंग सेंटर हो। यहां हेल्पलाइन के जरिए या महिला सीधे शिकायत दर्ज करा सके।

- जिला अदालत के क्राइसिस सेंटर में पब्लिक प्रोशिक्यूटर का ऑफिस ई-रूम स्काइप केजरिए सीधे कोर्ट कक्ष से जुड़ा हो, जहां से 164 के तहत पीड़ित के बयान और जिरह की जा सके। तीनों क्राइसिस सेंटर में महिला अधिकारी तैनात हों।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed