विदेशी बैंकों में हैं 600 नोएडा वासियों के खाते
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कालेधन की जांच के जद में नोएडावासी भी आ सकते हैं। आयकर को विदेश में स्थित बैंकों से करीब 600 नोएडावासियों के खातों का विवरण प्राप्त हुआ है। आयकर ने इनकी जांच शुरू कर दी है। ये वे बैंक हैं, जिनकी ब्रांचें देश में नहीं हैं।
आयकर विभाग के सूत्रों के मुताबिक अमेरिका, इंग्लैंड, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड, कनाडा आदि देशों में स्थित बैंकों में जिन भारतीयों ने खाते खुलवाए हैं, उनका विवरण आयकर को प्राप्त होने लगा है।
अब तक जिन लोगों का विवरण भारत सरकार से मांगा जाता था, सिर्फ उन्हीं की डिलेट मिल पाती थी, मगर इन देशों से भारतीयों के बैंक खातों का ब्योरा साझा करने केलिए हुए समझौते के बाद पहली बार हो रहा है कि बैंक खुद से भारतीयों के खातों से जुड़ी डिटेल भेजने लगे हैं। बैंक आयकर को सीधे ईमेल केजरिए सूचनाएं भेज देते हैं।
इन्हीं बैंकों से 600 नोएडावासियों के खातों की जानकारी भी आयकर को मिली है, जिसकेआधार पर सभी खाता धारकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जा रहा है। यहां से किस खाते में कितना पैसा भेजा गया है। उस पर कितना ब्याज मिला है। ये सूचनाएं मिलने लगी हैं।
उन पर है नजर जिन्हें मिल रहा है मोटा ब्याज
सूत्रों ने बताया कि विदेश के बैंकों से मिली सूचनाओं केआधार पर इन लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस मिलते ही जवाब भी आने लगे हैं। इन लोगों ने जवाब में बताया कि उनका बेटा या बेटी विदेश में पढ़ते हैं। वहीं का बैंक होने से पैसा भेजने में आसानी होती है।
भारतीय बैंकों से पैसे भेजने या निकालने पर कई तरह की अड़चनें आती हैं। इनसे बचने के लिए ये खाते खुलवाए गए हैं। कुछ ने यह भी जवाब दिया है कि विदेशों में लेक्चर पर उनको विदशी मुद्रा मिली, जिसे उन्होंने वहीं खाता खुलवाकर जमा कर दिया है। ऐसे तमाम जवाब आयकर को मिले हैं, जिनके जरिए विभाग सच्चाई का पता लगाने में जुटा है। औपचारिक तौर पर विभाग के अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।