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मरीजों की नहीं सुनता है बीके अस्पताल!
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 20 Mar 2014 05:06 PM IST
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आप बीमार हैं। आपका कोई रिश्तेदार बीमार है। आपको खड़ होने पर पैरों में दर्द होता है। लेकिन बीके अस्पताल को इन परेशानियों से कोई परेशानी नहीं है। बीके अस्पताल के कर्मचारियों को भीड़ से दिक्कत होती है। और जब यह दिक्कत होती है तो वो काम नहीं करते। मरीज परेशान होते रहें, उन्हें उनसे कोई फर्क नहीं पड़ता।
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बीके अस्पताल 3 घंटे के इस बंदी के बाद भी जब नहीं माना तो नाराज और गुस्साए मरीजों ने प्रिसिंपल मेडिकल ऑफिसर (पीएमओ) डॉ कृष्ण कुमार इसकी जानकारी दी। तब जाकर दवा वितरण का काम शुरू हो पाया।
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हुआ कुछ यूं कि बीके अस्पताल कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को करीब डेढ़ हजार ओपीडी मरीजों को परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अधिक भीड़ को कारण बताते हुए कर्मचारियों ने सुबह 9:30 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक खिड़की को बंद कर दिया।
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कर्मचारियों के इस रवैये से मरीजों का गुस्सा फूट पड़ा। मरीजों ने कर्मचारियों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। बीके अस्पताल डिसपेंसरी में चार दवा खिड़कियां हैं।
जिनमें से एक खिड़की में गंभीर रोगों की दवा वितरित होती है। जबकि अन्य तीन से सामान्य रोगों की दवा का वितरण किया जाता है।
बृहस्पतिवार को एक दवा काउंटर को बंद कर दिया गया। हैरानी की बात रही कि अधिक मरीजों की भीड़ की जानकारी होने के बाद भी कर्मचारियों ने ऐसा किया।
संजय कॉलोनी निवासी निशा ने बताया कि वह सुबह 10:00 बजे से अस्पताल की दवा खिड़की पर खड़ी है। खिड़की बंद होने के कारण भीड़ ज्यादा हो गई। एनएच-पांच निवासी कृष्णावती ने बताया कि दो घंटे लाइन में खड़े होने के बाद भी उसका नंबर नहीं आया।
अजरौंदा निवासी मुनेश ने बताया कि कर्मचारियों से एक खिड़की बंद करने का पूछा तो वह बदतमीजी से बात करते हैं।