{"_id":"601bfb6a8ebc3e74a6035f44","slug":"bjp-trying-to-capture-delhi-illegally-without-winning-elections-says-delhi-deputy-cm-manish-sisodia","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना चुनाव जीते दिल्ली पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा जमाने की कोशिश कर रही भाजपा- मनीष सिसोदिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना चुनाव जीते दिल्ली पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा जमाने की कोशिश कर रही भाजपा- मनीष सिसोदिया
Thu, 04 Feb 2021 07:19 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Thu, 04 Feb 2021 07:19 PM IST
सार
सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि दिल्ली सरकार को दिन-प्रतिदिन के कामों के लिए उपराज्यपाल के अनुमति की आवश्यकता नहीं है। ऐसा कुछ विशेष मामलों के लिए ही होना चाहिए...
विज्ञापन
मनीष सिसोदिया
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह गैरकानूनी तरीके से उपराज्यपाल की शक्तियां बढ़ाकर दिल्ली पर शासन करना चाहती है। सिसोदिया ने कहा कि संविधान में दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के अधिकारों का साफ बंटवारा किया गया है, जिससे दोनों अपने दायरे में रहते हुए काम कर सकते हैं। लेकिन केंद्र सरकार उपराज्यपाल के अधिकारों में गैरकानूनी तरीके से बंटवारा करके दिल्ली पर अपना शासन स्थापित करना चाहती है। सिसोदिया का यह आरोप केंद्रीय कैबिनेट के उस कथित प्रस्ताव के बाद आया है जिसमें उपराज्यपाल के अधिकारों को बढ़ाने की बात कही जा रही है।
विज्ञापन
मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगर केंद्र सरकार की कैबिनेट का प्रस्ताव कानून का रूप ले लेता है तो यह उपराज्यपाल को पुलिस, भूमि और पब्लिक ऑर्डर के अलावा अन्य भारी शक्तियां दे देगा, जिससे दिल्ली सरकार का जनता के लिए काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इस समय दिल्ली तेज विकास के पैमाने पर आगे बढ़ रही है। यहां के बच्चों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षा दी जा रही है। लेकिन अगर केंद्र सरकार का प्रस्ताव कानून का रूप ले लेगा, तो दिल्ली सरकार के कामकाज में लगातार अड़चनें खड़ी की जाएंगी और वह जनता के लिए काम नहीं कर पाएगी। उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई भी प्रस्ताव पास करना संविधान की आत्मा के विरूद्ध है।
विज्ञापन
इसके पूर्व दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच शक्तियों के मामले पर कई बार विवाद हो चुका है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच गया था। मामले की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि दिल्ली सरकार को दिन-प्रतिदिन के कामों के लिए उपराज्यपाल के अनुमति की आवश्यकता नहीं है। ऐसा कुछ विशेष मामलों के लिए ही होना चाहिए। कथित तौर पर प्रस्तावित बिल में दिल्ली सरकार को कोई भी काम करने के पहले उपराज्यपाल से 15 दिन पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य हो जाएगा।
विज्ञापन
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली विधानसभा के पिछले तीन चुनावों में अपनी पूरी कोशिश करने के बाद भी भाजपा दिल्ली में सरकार नहीं बना पाई। वह दिल्ली के लोगों का विश्वास जीतने में नाकाम रही। लेकिन अब इस तरह के कानून के जरिए वह लोगों के फैसले को कुचलने की कोशिश कर रही है।