घोषणापत्र बना बीजेपी का सिरदर्द, वोटिंग वाले दिन देगी जानकारी
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सोमवार को भारत में अगली सरकार के लिए वोटिंग शुरू हो जाएगी लेकिन बीजेपी इसी दिन वोटरों को यह जानकारी देगी कि वह देश के लिए क्या-क्या करना चाहती है।
पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि पार्टी 7 अप्रैल को अपना राष्ट्रीय एजेंडा या उसे घोषणापत्र कह लें वह जारी करेगी। इसी दिन भारत के 6 लोकसभा क्षेत्रों में वोटिंग डाले जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बीजेपी का एक धड़ा नरेंद्र मोदी के कुछ बातों से असहमत है जिसके कारणा घोषणापत्र को अब तक जारी नहीं किया जा सका है। बीजेपी के घोषणापत्र में डाले जाने वाले कुछ बिंदुओं से पार्टी का एक खास तबका नाराज है।
प्रचार में व्यस्त हैं नेता, घोषणापत्र के लिए टाइम नहीं
इन बातों को दरकिनार करते हुए पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि घोषणापत्र में देरी की मुख्य वजह यह है कि सभी बड़े नेता अपने इलाके में चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं, जिसके कारण घोषणापत्र को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।
पार्टी के साथ ओपिनियन पोल भी इस ओर इशारा कर रहे हैं कि बीजेपी देश की सबसे बड़ी पार्टी बनेगी लेकिन इसके नेतृत्व में बनने वाला गठबंधन, एनडीए बहुमत से दूर रह जाएगा।
वहीं बीजेपी की मुख्य विरोधी पार्टी कांग्रेस के कमलनाथ ने कहा कि अब तक जो पार्टी घोषणापत्र नहीं जारी कर सकी है वह देश को क्या दिशा देगी।
समय पर घोषणापत्र नहीं, देश क्या चलाएंगे?
कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर बीजेपी से सवाल किया कि जो पार्टी समय पर अपना घोषणापत्र जारी नहीं कर सकती वह देश कैसे चलाएगी?
देश में 7 अप्रैल से शुरू होने वाला वोटिंग नौ चरणों में होकर 12 मई तक चलेगा। 16 मई को मतगणना का काम होगा।
कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र 26 मार्च को ही जारी कर दिया था। इसमें कांग्रेस ने सबको स्वास्थ्य का अधिकार और करोड़ों नौकरियां देने का वादा किया है।