इन 53 वोटों के लिए भाजपा झोंकेगी पूरी ताकत
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद भाजपा अब कोई चुनाव नहीं हारना चाहती। दिल्ली में होने वाले एक चुनाव में कुल 53 वोटों का खेल है, जिसके लिए पार्टी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है।
इन 53 वोटों के लिए भाजपा हर जुगत लगा रही है। चूंकि एक-एक वोट की कीमत होती है और एक वोट की भी कमी पार्टी को बहुमत से दूर कर सकती है।
यही कारण है कि बीजेपी हर वो प्रयास कर रही है जिससे उसे दिल्ली में होने वाले इन चुनावों में हार का मुंह न देखना पड़े। दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी से कड़ी टक्कर पा चुकी बीजेपी इस चुनाव में बसपा से भी क्रॉस-वोटिंग का खतरा है।
क्या इस बार भी बनेगा बीजेपी का मेयर
बता दें कि 24 अप्रैल को दिल्ली के दक्षिणी नगर निगम के चुनाव होने वाले हैं। इस 97सदस्यों वाली नगरपालिका में बीजेपी के 42 कांउसिलर हैं।
पांच विधायकों और चार सांसदों को वोटिंग का अधिकार मिलने की वजह से सदन 106 सीटों वाली हो जाती है। ऐसे में बीजेपी को बहुमत के लिए 53 वोट चाहिए।
बीजेपी के पास पहले ही 46 वोट हैं और इसके साथ ही चार सांसदों का समर्थन भी है। अगर बसपा उसके पक्ष में भी वोट करती है तब भी उसे 2 वोटों की कमी पड़ेगी।
सुभाष आर्या बन सकते हैं नए मेयर
पिछली बार भी बीजेपी मेयर का चुनाव मात्र एक वोट से जीती थी। जबकि डिप्टी मेयर का पद वह नहीं बचा पाई थी। पिछली दफा बीजेपी की खुशी राम कांग्रेस के धर्मवीर सिंह को केवल एक वोट से हराकर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की मेयर बनी थीं।
हालांकि बीजेपी दावा कर रही है कि वो इस चुनाव को बड़े ही आराम से जीत जाएगी लेकिन वह इसके लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती। कहा जा रहा है कि बीजेपी के सुभाष आर्या मेयर की दौड़ में सबसे आगे हैं।
सुभाष आर्या ने इस बारे में बताया कि बीजेपी को चुनाव में निश्चित ही जीत मिलेगी और पार्टी ने 24 अप्रैल के लिए पूरी रणनीति बना ली है। बता दें कि मेयर पोस्ट के लिए इस बार हर वर्ग चुनाव में खड़ा हो सकता है और 16 अप्रैल को नामांकन की आखिरी तारीख है।