केजरीवाल ने कहा, 200 यूनिट तक बिजली फ्री, भाजपा ने पूछा- चुनाव आ गए क्या?
- केजरीवाल की मुफ्त की घोषणाओं को भाजपा ने बताया दिखावा
- कहा मुफ्त की घोषणाओं के पीछे अपनी विफलताओं को छिपा रही केजरीवाल सरकार
- विजेंद्र गुप्ता बोले केजरीवाल सरकार ने बिजली कंपनियों को 8000 करोड़ रुपये की लूट की छूट दी
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विस्तार
अरविंद केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को बड़ी घोषणा करते हुए दिल्ली वालों के 200 यूनिट तक के बिजली बिल को पूरी तरह मुफ्त करने की घोषणा कर दी। 201 यूनिट से 400 यूनिट तक के बिजली के बिल पर पचास फीसदी की छूट मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसके पूर्व बिजली बिल पर लगने वाले फिक्स चार्ज पर भी भारी छूट देने की घोषणा की है। सरकार के इस एलान से दिल्ली वालों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, अरविंद केजरीवाल सरकार की मुफ्त की घोषणा पर सवाल खड़ा करते हुए भाजपा ने पूछा है कि क्या दिल्ली में चुनाव करीब आ गए हैं जिसकी वजह से सरकार मुफ्त की घोषणाएं कर रही है। भाजपा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल मुफ्त की घोषणाओं के पीछे अपनी विफलताओं को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।
कितना आएगा बिल?
अगर आपके घर पर बिजली की खपत 200 यूनिट तक होती है तो आपका सितंबर माह में बिजली बिल शून्य आएगा। जबकि दो किलोवाट लोड पर 250 यूनिट तक की खपत पर 252 रुपये बिल आएगा। इसी प्रकार 300 यूनिट पर 526 रुपये, 350 यूनिट पर 801 रुपये और 400 यूनिट पर 1075 रुपये का बिल आएगा।
दूसरे शहरों से कितना कम?
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज यह घोषणा करते हुए कहा कि राजधानी में बिजली पूरे देश में सबसे सस्ते मूल्य पर मिल रही है। दो किलोवाट के लोड पर 200 यूनिट तक के विभिन्न राज्यों के बिलों की तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में 200 यूनिट का बिल शून्य हो जाएगा, जबकि इसी वर्ग पर मुंबई में 1400 रुपये, बंगलूरु में 1350 रुपये, कोलकाता में 1380 रुपये और हैदराबाद में 882 रुपये आता है। पड़ोसी राज्यों से तुलना करते हुए केजरीवाल ने कहा कि नोएडा में दो किलोवाट के लोड पर 200 यूनिट तक का बिजली का बिल 1310 रुपये आता है, जबकि गुरुग्राम में यही बिल 910 रुपये आता है।
भाजपा ने किया सवाल
केजरीवाल की मुफ्त की घोषणा को दिखावा करार देते हुए भाजपा ने कहा कि यही केजरीवाल वर्ष 2013 से 2015 के बीच दिल्ली की बिजली कंपनियों के द्वारा भारी लूट करने की बात कह रहे थे। इस कथित लूट के खिलाफ वे धरने भी दे रहे थे और बिजली कंपनियों के खातों को सीएजी के द्वारा जांच करवाने की बात कर रहे थे। लेकिन जब वे दिल्ली की सत्ता में आए तो कोई जांच नहीं करवाई, उलटे बिजली कंपनियों को सरचार्ज और फिक्स चार्ज बढ़ाकर लगभग 8000 करोड़ रुपये लेने की छूट दी।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने पहले 8000 करोड़ रुपये की लूट करने की छूट दी, इसके बाद अब इसी लूट का एक छोटा सा हिस्सा गरीबों को छूट के नाम पर देने की घोषणा कर रहे हैं। ऐसे में जनता को इस लूट की असलियत समझनी चाहिए।