{"_id":"d0fca6718048ce7d2f6da05997baaf85","slug":"bjp-s-vote-percent-increased-in-faridabad-hindi-news-bm","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव में दगा देने वालों के खिलाफ भी 'सफाई अभियान'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव में दगा देने वालों के खिलाफ भी 'सफाई अभियान'
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 21 Oct 2014 09:03 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भले ही भाजपा फरीदाबाद-पलवल जिले की नौ में से सिर्फ तीन पर जीत दर्ज कर पाई लेकिन उसके वोटों में तिगांव को छोड़कर अन्य सभी आठ सीटों पर जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
विज्ञापन
जहां अन्य जगहों पर 12 से 35 फीसदी तक वोट बढ़ा है वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं जहाजरानी राज्य मंत्री के अपने क्षेत्र में वोट प्रतिशत करीब 10 फीसदी घट गया है।
विज्ञापन
पढ़िए:दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर भाजपा में फिर खींचतान
विज्ञापन
जानकारों का कहना है कि वोट प्रतिशत मोदी की हवा के कारण बढ़ा है। वर्ष 2009 के चुनाव में पलवल जिले की होडल विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ने सिर्फ 560 वोट लेकर शर्मनाक प्रदर्शन किया था वहीं इस बार 29,170 वोट मिले।
इसी प्रकार हथीन में पिछली बार पार्टी को 602 वोट मिले थे जो इस बार बढ़कर 38,331 हो गए। इन सभी क्षेत्रों में कृष्णपाल गुर्जर और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने प्रचार किया। जबकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के मायके पलवल में 3376 से बढ़कर भाजपा को इस बार 51,781 मिले। इन सभी जगहों पर पार्टी हार गई लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ने से कार्यकर्ताओं को संतोष है।
पढ़िए: मोदी के दोस्त ने खो दी अपनी सीट, करारी हार
रही बात तिगांव सीट की तो यहां पार्टी को मंथन करना होगा कि मोदी लहर में भी ऐसी नौबत क्यों आई कि वोट प्रतिशत घट गया। हालांकि, यह गुर्जर की पारंपरिक सीट है इसलिए कोई भी नेता इस मसले पर खुलकर नहीं बोल रहा है।
भाजपा उद्योग प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह संयोजक एवं आरएसएस से जुड़े मनमोहन गुप्ता का कहना है कि यहां पर सिर्फ और सिर्फ मोदी फैक्टर के कारण वोट प्रतिशत में इस तरह से उछाल आया है।
चिन्हित किए जा रहे राजनीतिक विभीषण
सभी पार्टियों ने हार की समीक्षा शुरू कर दी है। इसके साथ ही राजनीतिक विभीषणों को चिन्हित करने का काम भी जारी है। कुछ ने भितरघात करने वालों की दूसरे दलों के लोगों के साथ फोटो खींची है तो कुछ ने वीडियो मंगाई है। कुल मिलाकर अब भाजपा, कांग्रेस, इनेलो एवं बसपा आदि में दगा देने वालों की सफाई शुरू होगी।