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दिल्ली: भाजपा नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी बोले- विधानसभा में जनता के मुद्दों पर सरकार से मांगा जाएगा जवाब
Sat, 01 Jan 2022 05:17 PM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Sat, 01 Jan 2022 05:17 PM IST
सार
बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के मामले एकाएक बढ़ते जा रहे हैं और सरकारी मशीनरी अभी तक हरकत में नहीं आई। सरकार ने बंदिशें तो लागू कर दीं लेकिन जनता के लिए विकल्प का इंतजाम नहीं किया।
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दिल्ली विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : Agency
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विस्तार
दिल्ली विधानसभा के सोमवार से शुरू होने वाले दो दिवसीय सत्र में विपक्ष सरकार से पांच मुद्दों पर जवाब मांगेगा। विपक्ष ने कहा है कि जनता इन पांच मुद्दों पर जवाब चाहती है और सरकार को विधानसभा में इन मुद्दों पर चर्चा से भागने नहीं दिया जाएगा।
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विधानसभा सत्र से पहले भाजपा विधायक दल की बैठक विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी की अध्यक्षता में हुई। इसमें विधानसभा में उठाए जाने वाले मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया। बिधूड़ी ने बताया कि विधानसभा में जिन मुद्दों पर चर्चा का नोटिस दिया गया है उनमें कोरोना के बढ़ते मामले, नई शराब नीति, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मोहल्ला क्लीनिकों में गलत दवा से बच्चों की मौत और दिल्ली के किसानों के साथ हुई वादाखिलाफी शामिल हैं।
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उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार जनता की गंभीर समस्याओं पर विधानसभा में चर्चा से भागती है क्योंकि उसके पास इनका जवाब नहीं है, लेकिन इस बार भाजपा विधायक पुरजोर तरीके से मुद्दे उठाएंगे ताकि सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया जा सके।
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बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में कोरोना के मामले एकाएक बढ़ते जा रहे हैं और सरकारी मशीनरी अभी तक हरकत में नहीं आई। सरकार ने बंदिशें तो लागू कर दीं लेकिन जनता के लिए विकल्प का इंतजाम नहीं किया। सात साल में एक भी बस नहीं खरीदने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का पूरा ढांचा चरमरा गया है और लोग बसों के बिना पूरी तरह बेबस हो गए हैं।
नई शराब नीति से दिल्ली की गली-गली में शराब की दुकानें खोली जा रही हैं। सरकार रेवेन्यू के लालच में पूरी दिल्ली को शराब की नगरी बनाने पर तुली हुई है। मोहल्ला क्लीनिकों की दुर्दशा के हाल पर भी सरकार की जवाबदेही बनती है और किसानों के साथ किए वादों को पूरा करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हम सरकार से यह भी मांग करते हैं कि अगर जरूरत पड़े तो विधानसभा का सत्र तीन दिन और बढ़ाया जाए, लेकिन जनता के मुद्दों का जवाब आना चाहिए।