चुनाव नतीजों पर टिका मनोज तिवारी का कद, बढ़ेगा या घटेगा
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दिल्ली का चुनाव परिणाम जिस पार्टी के पक्ष में जाए, लेकिन इतना तय है कि प्रदेश भाजपा के संगठन स्तर पर काफी फेरबदल देखने को मिलेगा। पार्टी अगर जीत दर्ज करती है तो प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ऐसे अध्यक्ष होंगे जिनके नेतृत्व में पार्टी एमसीडी, लोकसभा और विधानसभा चुनाव जीतेगी। इससे तिवारी का कद काभी ऊंचा हो जाएगी। अगर पार्टी हारती है तो फिर तिवारी को नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की पेशकश करनी होगी। हालांकि तिवारी अपने तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके है और पार्टी उनके नेतृत्व में एमसीडी व लोकसभा जीत चुकी है।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में चुनाव परिणाम आने के पहले यह चर्चा का विषय रहा कि अगला अध्यक्ष कौन होगा। क्योंकि मनोज तिवारी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है। चर्चा इस बात की भी थी कि अगर एग्जिट पोल के उलटा परिणाम आता है तो फिर वर्तमान अध्यक्ष को ही पार्टी दोबारा अध्यक्ष पद पर बने रहने की अनुमति दे सकती है, क्योंकि दिल्ली भाजपा में उनके कद का कोई नेता नहीं होगा और खासकर पूर्वांचलियों में विशेष पैठ व पुर्वाचल चेहरा होने के कारण।
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दूसरी तरफ यह भी चर्चा सुनने को मिली कि पार्टी अगर हारती है तो आलाकमान की निगाहे पार्टी के सभी पदाधिकारियों पर रहेंगे। क्योंकि विधानसभा चुनाव में पूरा केंद्रीय नेतृत्व ने अपनी ताकत लगा दी थी। यहां तक कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तक ने डोर-टू-डोर कैंपेन किया ही साथ ही पर्चा भी बांटा। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व संगठन में पूरे तरह से फेरबदल कर नया रूप रंग देगी। क्योंकि विधानसभा चुनाव के बाद एमसीडी चुनाव भी होना है।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि अगर तिवारी अध्यक्ष पद छोड़ते भी है तो वह केंद्र की राजनीति में सक्रिय होंगे। उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया जा सकता है क्योंकि वह पार्टी के स्टार प्रचारक है।