भाजपा नेता की हरक सिंह के खिलाफ धीमी जांच रफ्तार पर पुलिस ने चुप्पी साधी
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भाजपा नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ दुष्कर्म के दर्ज मामले में दिल्ली पुलिस की तफ्तीश बहुत ही धीमी गति से चल रही है। कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज होने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है।
दक्षिण जिला पुलिस ने भाजपा नेता को पूछताछ के लिए अभी तक नोटिस तक नहीं भेजा है। इस मामले में दक्षिण जिले के सभी पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है।
गौरतलब है कि जंगपुरा में रहने वाले एक महिला ने भाजपा नेता हरक सिंह रावत के खिलाफ शुक्रवार रात दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। महिला का
आरोप था कि भाजपा नेता ने उसे अपने घर बुलाया और फिर उसके साथ दुष्कर्म किया। कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने बयान भी हो गए हैं और महिला अपने बयानों पर कायम है।
साउथ-ईस्टर्न रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त आरपी उपाध्याय से जब इस मामले में बात की गई तो उन्हें सिर्फ इतना ही कहा कि इस मामले में अभी पूछताछ में शामिल होने के लिए भाजपा नेता को नोटिस नहीं भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरक की गिरफ्तारी को दून पहुंची दिल्ली पुलिस
रेप कांड में फंसे पूर्व मंत्री और भाजपा नेता हरक सिंह रावत की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस की तीन टीमों के उत्तराखंड में डेरा डालने की खबरें सोमवार देर रात तक चलती रही।
हालांकि पुलिस अधिकारी इस मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा संपर्क साधे जाने से इंकार करते रहे। दिल्ली के सफदरजंग थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत गायब हैं।
दिल्ली स्थित आवास पर नहीं होने के बाद रावत के उत्तराखंड में आने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता है। सोमवार तीसरे पहर खबर आई कि दिल्ली पुलिस की तीन टीमें हरक सिंह रावत की तलाश में देहरादून और प्रदेश के दूसरे हिस्सों में मौजूद हैं।
हालांकि देर रात तक किसी इलाके में दबिश की पुष्टि नहीं हो सकी। पुलिस भी इससे इनकार करती रही। एसएसपी सदानंद दाते का कहना कि मुकदमे को लेकर दिल्ली पुलिस ने अभी तक कोई संपर्क नहीं साधा है।
हो सकता है कि दिल्ली पुलिस आई हो, लेकिन उनसे किसी तरह की मदद नहीं मांगी गई है। उधर पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार किया है।