फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   BJP is looking for a solution to AAP-Congress among the rebel leaders

Delhi assembly elections : आप-कांग्रेस की काट बागी नेताओं में तलाश रही है भाजपा, कैलाश गहलोत और लवली को तरजीह

Sun, 24 Nov 2024 02:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवनीत शरण, नई दिल्ली
नवनीत शरण, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 24 Nov 2024 02:11 AM IST
सार

इन्हें टिकट में मजबूत दावेदारी के साथ ही संगठन में भी तरजीह मिल रही है। वे भी बदली हुई पार्टी के सियासी दांवपेच में मुख्य भागीदार बन गए हैं। हालांकि, इसका विरोध भी कम नहीं है। कार्यकर्ताओं में इससे निराशा है और वे भी पार्टी बदलने के चक्कर में हैं।

विज्ञापन
BJP is looking for a solution to AAP-Congress among the rebel leaders
कैलाश गहलोत - फोटो : एएनआई

विस्तार

विधानसभा चुनाव में बागी नेताओं की इस बार बल्ले-बल्ले है। इन्हें टिकट में मजबूत दावेदारी के साथ ही संगठन में भी तरजीह मिल रही है। वे भी बदली हुई पार्टी के सियासी दांवपेच में मुख्य भागीदार बन गए हैं। हालांकि, इसका विरोध भी कम नहीं है। कार्यकर्ताओं में इससे निराशा है और वे भी पार्टी बदलने के चक्कर में हैं।

विज्ञापन


विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार सबसे अधिक दल-बदल देखने को मिल रहा है। मंत्री पद तक छोड़कर नेता पार्टी बदल रहे हैं। इनमें आप नेता कैलाश गहलोत व राजकुमार आनंद शामिल हैं। इतना ही नहीं, कांग्रेस के पूर्व मंत्री व अध्यक्ष अरविंद सिंह लवली और राजकुमार चौहान ने भी पार्टी बदलकर भाजपा का दामन थाम लिया था। लवली दूसरी बार भाजपा में शामिल हुए। पहली बार जब उन्हें पार्टी में कुछ खास पद नहीं मिला तो वह लौट गए थे। 
विज्ञापन


इसे ही देखते हुए भाजपा रणनीति बदलकर चुनाव की जिम्मेदारी सौंपने लगी है, ताकि उनका भरोसा न डिगे। पांच दिन पहले ही मंत्री पद के साथ आप छोड़कर भाजपा में शामिल हुए कैलाश गहलोत को भाजपा ने चुनाव संचालन समिति का सदस्य बना दिया है। लवली को घोषणा पत्र समिति में शामिल किया गया है। ये नेता टिकट के भी दावेदार हैं। इस तरह से भाजपा की ओर से आप-कांग्रेस की काट उन्हीं के बागी नेताओं में तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा और कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल होने वालों की फेहरिस्त भी कम नहीं है। पांच बार और तीन बार विधायक रह चुके नेता भी पार्टी बदलने में पीछे नहीं है। पार्टी ने पहली ही सूची में उन सभी बागी नेताओं को चुनावी मैदान में भी उतार दिया। इस राजनीति का खामियाजा भी पार्टी को उठाना पड़ रहा है। जीते हुए विधायक जब पार्टी छोड़ रहे हैं तो वहां की अन्य पार्टियों के नेता भी दल-बदल में पीछे नहीं रह रहे है क्योंकि उन्हें टिकट नहीं मिलने का खतरा दिखाई दे रहा है। 


छतरपुर के पूर्व विधायक करतार सिंह तंवर जब भाजपा में शामिल हुए तो वहां के दिग्गज नेता ब्रह्म सिंह तंवर भाजपा का साथ छोड़ आप में चले गए। आप ने बतौर उम्मीदवार भी उन्हें मैदान में उतारा है। इसी तरह पांच बार के पूर्व विधायक मतीन अहमद ने भी कांग्रेस छोड़कर आप का दामन थाम लिया। लिहाजा, इनकी भी सीट पक्की मानी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed