भाजपा ने बनाई आप-कांग्रेस को चित करने की रणनीति
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दिल्ली में होने जा रहे मध्यावधि चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी प्रारंभिक रणनीति तैयार कर ली है। इस रणनीति के तहत पार्टी अंदरखाने तो आम आदमी पार्टी (आप) के वोट बैंक में सेंध लगाने के लिए सारी ताकत झोंकेगी, मगर सार्वजनिक तौर पर अपना मुकाबला कांग्रेस से बताएगी।
पार्टी आलाकमान ने इस संबंध में पार्टी प्रवक्ताओं के साथ दिल्ली इकाई के नेताओं को निर्देश जारी कर सार्वजनिक तौर पर आप के मुकाबले कांग्रेस को ज्यादा तवज्जो देने के लिए कहा है।
पार्टी खासतौर पर आप के वोट बैंक माने जाने वाले झुग्गी झोपड़ी के मतदाताओं के बीच पैठ बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री की जनधन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करेगी।
AAP Vs BJP in Delhi
दरअसल पार्टी के रणनीतिकारों को लगता है कि अगर चुनाव के दौरान कांग्रेस के लड़ाई में बहुत पीछे छूटने का संदेश गया तो भाजपा विरोधी वोट बीते विधानसभा चुनाव की तरह ही फिर से आप के पक्ष में गोलबंद हो सकते हैं।
अगर ऐसा हुआ तो मध्यावधि चुनाव में भाजपा और आप के बीच सीधी और कांटे की टक्कर होगी। जबकि भाजपा की रणनीति अपने विरोधी मतों में बिखराव कर सहज जीत हासिल करने की है।
पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने बीते मंगलवार को कैबिनेट के दिल्ली विधानसभा को भंग करने संबंधी उपराज्यपाल की सिफारिश के बाद अपने कुछ वरिष्ठ सहयोगियों से भावी रणनीति पर चर्चा की थी।
मोदी की ये योजना दिलाएगी वोट!
पार्टी सूत्रों ने बताया कि इस चर्चा के बाद प्रवक्ताओं और राज्य इकाई के नेताओं को निर्देश दिया गया कि ये सभी अपने सार्वजनिक बयानों में कांग्रेस से मुख्य मुकाबला होने का ही पक्ष रखें।
दरअसल पार्टी का अपना आकलन है कि नरेंद्र मोदी के नाम पर लोकसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने वाले मध्य और निम्न मध्य वर्ग का झुकाव पार्टी की ओर बना हुआ है। मुश्किल झुग्गी झोपड़ी में रह रहे मतदाता, सिख और दलित वर्ग हैं, जिन्होंने बीते विधानसभा चुनाव में आप के पक्ष में जम कर मतदान किया था।
इन क्षेत्रों में आप का आधार कम या ध्वस्त करने के लिए पार्टी अभी से माथापच्ची में जुटी है। इन वर्गों में अपनी पहुंच बनाने के लिए पार्टी ने प्रधानमंत्री की जनधन योजना का जम कर प्रचार प्रसार करने की रणनीति बनाई है।
सिखों कर रिझाने की एक और कोशिश
मसलन चुनाव से पहले पार्टी झुग्गी बस्तियों में सभी मतदाताओं का बैंक खाता खुलवाना सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा सिख दंगा पीड़ितों को मरहम लगाने के लिए मुआवजे की घोषणा के बाद कुछ अन्य अहम घोषणा करने की तैयारी की जा रही है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि जाहिर तौर पर आसान जीत तभी मिलेगी जब भाजपा विरोधी वोट आप और कांग्रेस में बुरी तरह बंटे। वैसे भी पार्टी के पास अभी प्रधानमंत्री का चेहरा है तो महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद पार्टी के पक्ष में सकारात्मक बयार भी बह रही है।
झारखंड और जम्मू कश्मीर का फीड बैक भी अच्छा है। चूंकि दिल्ली में चुनाव इन दो राज्यों के नतीजे के बाद होंगे, इसलिए सकारात्मक परिणाम से पार्टी के पक्ष में और बेहतर वातावरण तैयार होगा।