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क्या प्रचंड बहुमत पाने के बाद बीजेपी सालों से लटके शहर के इस सपने को करेगी पूरा!

Mon, 13 Mar 2017 12:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 13 Mar 2017 12:55 PM IST
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BJP expected to win more power than the airport
jewar airport - फोटो : अमर उजाला

अब जेवर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनना तय है। केंद्र में भाजपा थी और अब प्रदेश में भी भाजपा जीत चुकी है। तालमेल में अब किसी भी तरह की कमी नहीं आएगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार नहीं थी तो वह जेवर में प्रदेश के सीएम की तरफ से एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव लेकर आए थे।

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निश्चित है कि एयरपोर्ट प्रोजेक्ट का शीघ्र ही शिलान्यास करने का वक्त मिलेगा। मालूम हो कि दो साल पहले जब सांसद डॉ. महेश शर्मा उड्डयन राज्य मंत्री बने थे तो अमर उजाला ने उनसे एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के बारे में पूछा था। उन्होंने सबसे पहले यही घोषणा की थी कि वह जेवर में एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को पूरा कराएंगे।
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तमाम बाधाएं पार करते हुए रक्षा मंत्रालय से एनओसी मिलने के बाद सिविल एविएशन की स्टीयरिंग कमेटी के पास फाइल पहुंच चुकी है। खास बात यह भी है कि जेवर के 35 गांवों की 2500 एकड़ जमीन भी एयरपोर्ट के लिए यमुना प्राधिकरण ने आरक्षित कर रखी है।

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आने वाले समय में एनसीआर में एक और एयरपोर्ट की जरूरत होगी

BJP expected to win more power than the airport

दिल्ली के एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। आने वाले समय में एनसीआर में एक और एयरपोर्ट की जरूरत होगी। मालूम हो कि अमर उजाला ने ही सबसे पहले जेवर में एयरपोर्ट का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।

केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि उनके लोकसभा क्षेत्र में यह प्रोजेक्ट शुरू से ही प्राथमिकता पर रहा है। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है, तो प्रोजेक्ट पूरा करने में आसानी होगी। करीब 12,000 करोड़ रुपये का खर्च आना है।

जेवर में एयरपोर्ट बनने से गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, अलीगढ़, हाथरस मथुरा, आगरा आदि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए काफी लाभदायक होगा।

उधर, शनिवार को जैसे ही जेवर से धीरेंद्र सिंह की जीत हुई तो उन्होंने कहा कि यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में सबसे पहला काम यही कराने का प्रयास किया जाएगा कि जेवर में एयरपोर्ट बने।

इसके लिए केंद्र से लेकर प्रदेश के नेताओं के समझ बात रखी जाएगी, क्योंकि जेवर में यदि एयरपोर्ट बनता है तो उसका लाभ क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। इसके अलावा मेट्रो समेत अन्य प्रोजेक्ट भी प्राथमिकता पर हैं।

जेवर एयरपोर्ट: एक नजर

BJP expected to win more power than the airport

- 2001 में प्रदेश के सीएम राजनाथ सिंह के नेतृत्व में भाजपा सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया।
- 2003 में जेवर में प्रोजेक्ट के लिए जगह निर्धारित की गई।
- 2007 में बसपा सरकार ने यमुना प्राधिकरण के 35 गांवों की जमीन रिजर्व कर दी।
- 2011 उड्डयन विभाग, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, दिल्ली एयरपोर्ट से दूरी 72 या 120 किलोमीटर के विवाद सुलझाकर 90 किलोमीटर तय कर दी गई।
- 27 जून 2015 उड्डयन विभाग, पवन हंस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, एयर इंडिया समेत अन्य विभाग के अधिकारियों ने एनसीआर में दूसरा एयरपोर्ट को लेकर गहन चर्चा की थी। जिसमें जेवर ही उपयुक्त जगह माना।
- 7 जुलाई 2015 को सैफई, बाह तहसील की भदरौली व जेवर में एयरपोर्ट बनाने के लिए सीएम ने पीएम को पत्र लिखा।
- 30 जून 2016 को रक्षा मंत्रालय की तरफ से मिली एनओसी।

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