ये क्या! भाजपाइयों के ही आ गए बुरे दिन
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केंद्र में नरेद्र मोदी सरकार बनने के बावजूद उत्तरी दिल्ली नगर निगम में भाजपा पार्षदों के अच्छे दिन नहीं आए। उत्तरी दिल्ली नगर निगम के सदन की बैठक में सोमवार को उनकी बातें सुनने के बाद तो लगा कि उनके दिन बुरे दिन शुरू हो गए।
आम पार्षदों ने ही नहीं स्थाई समिति के अध्यक्ष भी सुनवाई नहीं करने का अधिकारियों पर आरोप लगा रहे थे।
कांग्रेस के पार्षदों ने तो मौका फायदा उठाते हुए नरेला जोन के उपायुक्त के पहनावे पर ही सवाल उठा दिए। इसके चलते सदन की नेता को उपायुक्त को हटाने का आदेश देना पड़ा।
फोन तक नहीं उठाते
मेयर योगेंद्र चंदोलिया ने पिछले दिनों आंधी में मची तबाही पर सदन की बैठक में चर्चा करने के निर्देश दिए। इस दौरान सदन की नेता मीरा अग्रवाल ने ऐसी आपदा में मरने वाले लोगों को मुआवजा देने की व्यवस्था करने की मांग की।
इसी बीच स्थाई समिति के अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने बताया कि आंधी में नरेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में पेड़ गिरे थे, लेकिन जोन के उपायुक्त कुलदीप यादव ने उनको इलाके की स्थिति के संबंध में कोई रिपोर्ट नहीं दी। इतना ही नहीं, उपायुक्त ने उनका फोन भी नहीं उठाया।
इसी बीच नरेला वार्ड से भाजपा पार्षद केशरानी ने उनके सुर में सुर मिलाते हुए उपायुक्त पर पार्षदों की सुनवाई नहीं करने और फोन नहीं उठाने का आरोप लगाया।
लड़कियों के स्कूल में कैपरी पहन कर जाते हैं
तभी अलीपुर वार्ड की पार्षद कुमारी अरुणा ने बताया कि अधिकारियों से परेशान जब भी किसी व्यक्ति को वह कुलदीप यादव के पास भेजती है तो वे लोगों को धमकाते हुए कहते है कि अरूणा क्या मेरे पर थानेदार लगी हुइ है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि कुलदीप यादव का व्यवहार बहुत खराब है।
उनके खिलाफ कई महिला शिक्षकों ने उनको और अन्य पार्षदों के खिलाफ लिखित में शिकायत की है। उनकी बात पूरी होने से पहले जोन के डिप्टी चेयरमैन देवेंद्र कुमार ने कुलदीप यादव के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगा दी। उन्होंने बताया कि कुलदीप यादव लड़कियों के स्कूल में कैपरी पहनकर जाते है और महिला शिक्षकों से उनकी उम्र के बारे में पूछते है।
उनकी यह बातें सुनते ही सदन की नेता मीरा अग्रवाल व विपक्ष के नेता मुकेश गायेल ने पार्षदों की मांग का समर्थन करते हुए उनको नरेला जोन से हटाकर मुख्यालय में नियुक्त करने पर जोर दिया।