MCD चुनाव: इन मुद्दों को लेकर AAP को घेरने की तैयारी में BJP-कांग्रेस
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एमसीडी चुनाव में प्रचार धीरे-धीरे जोर पकड़ने लगा है। इस बीच आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ आई शुंगलू कमेटी रिपोर्ट, विज्ञापन पर खर्च किए गए 97 करोड़ की पार्टी से वसूली और अरविंद केजरीवाल का मानहानि मुकदमा लड़ने को वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी की मोटी फीस ने भाजपा-कांग्रेस को एक मुद्दा दिया है।
कांग्रेस ने रिपोर्ट को सीधे मतदाताओं से जोड़ने के लिए शुक्रवार को 272 वार्ड में काला दिवस मनाने का ऐलान किया है तो सोशल मीडिया में भी इससे आप को घेरने की योजना है। नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 8 अप्रैल है उसके बाद भाजपा और कांग्रेस प्रचार में पूरी ताकत से उतरेगी।
ऐसे में न सिर्फ शुंगलू कमेटी में सामने आए डेढ़ साल में 24 विदेश यात्रा, 12वीं पास या योग्यता पूरी नहीं करने वालों को मोटी तनख्वाह पर नौकरी का मामला चुनावी मुद्दे में गूंजेगा बल्कि पार्टी व विधायकों को मकान आवंटित करने को भी विरोधी उठाएंगे।
जनता के बीच उठाएंगे रामजेठमलानी फीस मामला
उपराज्यपाल की तरफ से मुख्यमंत्री व पार्टी की ब्रांडिंग के लिए सरकारी विज्ञापन के नाम पर खर्च किए गए 97 करोड़ रुपये की वसूली का आदेश लीक होने और अरविंद केजरीवाल पर अरुण जेटली की तरफ से किए गए मानहानि मुकदमा लड़ने को राम जेठमलानी को सरकारी खर्च पर खड़ा करने को भी मतदाताओं के बीच उठाने की तैयारी है।
वहीं, माकन ने साफ किया है कि आखिर मुख्यमंत्री होने पर किसी के खिलाफ कुछ भी बोलने का प्रमाणपत्र नहीं मिलता। आम आदमी कहने वाली पार्टी के नेता देश के टॉप वकील को सरकारी खर्च पर खड़ा नहीं करते।
अजय माकन ने कहा है अरविंद केजरीवाल झूठ बोलने में माहिर हैं। 25 मार्च को केजरीवाल ने एमसीडी चुनाव को लेकर एलान किया है कि सत्ता में आएंगे तो गृहकर माफ कर देंगे जबकि 2015 में आप सरकार ने भाजपा शासित एमसीडी के प्रस्ताव पर अनधिकृत कॉलोनी में गृहकर लगाने की अनुमति उपराज्यपाल की मंजूरी के बिना ही दे दिया।