वकीलों के भी 'अच्छे दिन' लेकर आई भाजपा
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केंद्र में भाजपा की मोदी सरकार आने के बाद भाजपा से जुड़े वकीलों के अच्छे दिन शुरू हो गए। केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट में सरकार की पैरवी के लिए नियुक्त 15 वकीलों को बदल दिया है।
नियुक्त किए गए वकील भाजपा लीगल सेल से जुड़े रहे हैं। इनमें से दो दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) में एबीवीपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
सरकार ने अधिवक्ता संजय जैन को अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल नियुक्त किया है। अभी पांच अन्य वकीलों की भी नियुक्ति होनी है। दिल्ली सरकार की पैरवी करने वाले वकीलों को भी बदले जाने की तैयारी है।
सरकार बनते ही शुरू हो गई थी चर्चा
केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार की पैरवी करने वाले वकीलों की नियुक्तियां सामान्य तौर पर राजनीतिक ही होती रही हैं। कांग्रेस ने केंद्र और दिल्ली में अपनी सरकार रहते जिन वकीलों को पैरवी के लिए नियुक्त किया था, मोदी सरकार आने के बाद से ही उन्हें बदले जाने की चर्चाएं गरम थीं।
21 जुलाई को केंद्रीय कानून मंत्रालय से जारी अधिसूचना के तहत हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के मामलों की पैरवी के लिए 15 वकीलों की नियुक्ति कर दी गई है।
इनमें अधिवक्ता अनिल सोनी, अजय दिग्पाल, रिपू दमन सिंह भारद्वाज, श्रीमती सुपर्णा श्रीवास्तव, विवेक गोयल, अरुण भारद्वाज, विवेक महाजन, अभय प्रकाश सहाय, अनुराग आहलुवालिया, कीर्तिमान सिंह, मनीष मोहन, देव प्रकाश भारद्वाज, सुश्री मोनिका अरोड़ा, राजेश कुमार व भगवान स्वरूप शुक्ला को नियुक्त किया गया है।
शीला के खिलाफ लड़ते हैं केस
सभी की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू मानी जाएगी। अधिवक्ता अनिल सोनी और मोनिका अरोड़ा डूसू में एबीवीपी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
वहीं, केंद्र सरकार ने अधिवक्ता संजय जैन को अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल नियुक्त किया है। वे पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ भाजपा नेता विजेन्द्र गुप्ता की ओर से पैरवी करते रहे हैं।
सभी वकीलों ने बुधवार को अपना कार्यभार संभाल लिया। इसी के साथ कांग्रेस के कार्यकाल में नियुक्त वकीलों को केंद्र सरकार ने बाहर का रास्ता दिखा दिया है। अभी पांच अन्य वकीलों की भी नियुक्ति होनी है।