फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   bjp can reject the offer of forming government.

स्टिंग ने बिगाड़ा खेल, टेंशन में भाजपा!

Wed, 10 Sep 2014 09:14 AM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 09:14 AM IST
विज्ञापन
bjp can reject the offer of forming government.

आम आदमी पार्टी के स्टिंग के बाद भाजपा में ही सरकार बनाने को लेकर आम राय नहीं बन पा रही है। सरकार बनाने को सही बताने वाले अब इस सोच में पड़ गए हैं कि सरकार बनी तो आम जनता में गलत संदेश जाएगा।

विज्ञापन


भाजपा का एक खेमा डैमेज कंट्रोल पर भी विचार कर रहा है। वहीं, अन्य प्रदेशों में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद दिल्ली में सरकार बनाने या चुनाव कराने पर भी पार्टी सोचने लगी है।
विज्ञापन


बदले हालात में अब भाजपा के रणनीतिकार यह सोचने को भी मजबूर हो गए हैं कि अगर उपराज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुलाते हैं तो एक बार फिर आमंत्रण को ठुकरा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


तर्क यह दिया जा रहा है कि इस तरह से आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी के उस आरोप से भी बचा जा सकता है कि भाजपा खरीद-फरोख्त करके सरकार बनाने की मुहिम में है। साथ ही यह भी आरोप नहीं लगेगा कि भाजपा जोड़तोड़ करके सरकार बनाने की इच्छुक थी। इस तरह का कदम भाजपा लेती है तो स्टिंग के दाग से भी बेदाग हो जाएगी।

तो ये होगा भाजपा हाईकमान का फैसला?

bjp can reject the offer of forming government.

भाजपा रणनीतिकार यह भी सोच रहे हैं कि आने वाले समय में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में विधानसभा चुनाव होना है। अगर दिल्ली में जोड़तोड़ कर सरकार बनी तो इसका संदेश गलत जाएगा। भाजपा के एक गुट का मानना है कि हरियाणा, महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद ही दिल्ली में सरकार बनाने की कवायद की जाए।'

अगर तीनों बड़े राज्य में भाजपा बहुमत के साथ सरकार बना लेती है तो दिल्ली में भी चुनाव कराकर या सीक्रेट वोटिंग कराकर सरकार बनाई जा सकती है। अब देखना है कि केंद्रीय नेतृत्व क्या दिशा निर्देश देता है। हालांकि भाजपा की चुनाव समिति व संसदीय समिति की बैठक में दिल्ली के मुद्दे पर भी भाजपा नेता विचार करेंगे।

हालांकि दिल्ली में सरकार बनाने का सीधा मतलब से है कि भाजपा को जोड़तोड़ करनी ही पड़ेगी क्योंकि उसके पास विधायकों की निर्धारित संख्या नहीं है। ऐसे में पार्टी का अगला फैसला सबके लिए चर्चा का विषय बनला हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed