दिल्ली: तीनों निगम में मेयर-डिप्टी मेयर पद पर नए चेहरे
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लंबी जद्दोजहद के बाद तीनों नगर निगम के महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए भाजपा ने अपने पार्षदों के नामों का ऐलान बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल करने का समय खत्म होने से कुछ घंटे पहले किया। तीनों नगर निगम में वर्तमान महापौर, उपमहापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष व उपाध्यक्ष और सदन के नेता पद पर नियुक्त पार्षदों की छुट्टी कर दी गई है। हालांकि चार पार्षदों को नई जिम्मेदारी मिली है।
भाजपा ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम के वर्तमान उपमहापौर बिपिन बिहारी सिंह को पदोन्नत कर महापौर बनाने का निर्णय लिया है। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में आदेश गुप्ता और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में नरेंद्र चावला महापौर होंगे। दक्षिण दिल्ली नगर निगम की वर्तमान महापौर कमलजीत सहरावत को नेता सदन की जिम्मेदारी दी गई है। नेता सदन शिखा राय को स्थायी समिति अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम में फिलहाल स्थायी समिति अध्यक्ष तिलकराज कटारिया को नेता सदन बनाया गया है। दूसरी ओर, पूर्वी और उत्तरी दिल्ली नगर निगम में उपमहापौर पद पर अनुसूचित जाति के पार्षदों के नाम तय किए गए हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम में किरण वैद्य और उत्तरी दिल्ली नगर निगम में राजेश लवादिया उपमहापौर होंगे। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के उपमहापौर सत्यपाल मलिक बनेंगे।
भाजपा ने पूर्वी दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति अध्यक्ष सत्यपाल सिंह, उपाध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्ता, उत्तरी दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति अध्यक्ष वीणा विरमानी, उपाध्यक्ष निशा मान को मौका देने का फैसला किया है। दक्षिण दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति उपाध्यक्ष पूनम भाटी होंगी। पूर्वी दिल्ली नगर निगम में निर्मल जैन को नेता सदन बनाया जाएगा।
भाजपा के पार्षद निर्विरोध बनेंगे महापौर, उपमहापौर
तीनों नगर निगम के महापौर और उपमहापौर पद पर भाजपा के पार्षद निर्विरोध निर्वाचित होंगे। मुख्य विपक्षी दल आप और कांग्रेस ने उनके खिलाफ नामांकन दाखिल नहीं कराए हैं। दरअसल, तीनों नगर निगम में भाजपा का पूर्ण बहुमत है। वहीं पूर्वी और दक्षिण दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति सदस्य के लिए भाजपा के पार्षद आसानी से जीत जाएंगे। उत्तरी दिल्ली नगर निगम में उसके एक सदस्य की जीत खासी मुश्किल है।
तीनों नगर निगम में सदन से स्थायी समिति के तीन-तीन सदस्य चुने जाने हैं। पूर्वी दिल्ली नगर निगम में तीनों सदस्य आसानी से जीत जाएंगे। हालांकि आप ने एक पार्षद का नामांकन दाखिल कराया है, लेकिन जीत कोसों दूर लगती है। दक्षिण दिल्ली नगर निगम में भाजपा ने दो पार्षदों के नामांकन दाखिल कराए हैं और उनकी भी जीत सुनिश्चित है। तीसरे सदस्य के लिए आप और कांग्रेस ने ताल ठोक दी है। उनकी जीत निर्दलीय व अन्य पार्षदों के रुख पर निर्भर रहेगी। पिछली बार शिक्षा समिति के सदस्य के चुनाव में पार्षदों की संख्या होने के बावजूद कांग्रेस ने निर्दलीय एवं अन्य पार्षदों के सहारे आप को पटखनी दे दी थी।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम में स्थायी समिति के तीन सदस्यों का चुनाव सबसे अधिक रोचक होगा। यहां भाजपा ने तीन पार्षदों ने नामांकन किया है। आप और कांग्रेस के एक-एक पार्षद ने भी पर्चा भरा है। तीनों दलों के सदस्यों की संख्या के अनुसार आप पार्षद जीत सकता है। भाजपा और कांग्रेस का गठजोड़ हुआ तो आप पार्षद की हार तय है। संभावना है कि भाजपा एवं कांग्रेस के बीच फिर गठजोड़ होगा। उन्हें सिटी सदर पहाड़गंज में भी आप को हराने के लिए गठजोड़ की जरूरत है। गत वर्ष इस जोन में आप को हराने के लिए भाजपा ने कांग्रेस के हक में मतदान किया था। दक्षिण दिल्ली नगर निगम के महापौर और अन्य पदों के लिए 26 अप्रैल को चुनाव होंगे। उत्तरी व पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 27 अप्रैल को चुनाव होगा।