भाजपा का आरोप, झूठ बोलकर मुख्यमंत्री बने केजरीवाल, 2500 करोड़ के 'घोटाले' की बताई असलियत
- भाजपा ने कहा, केजरीवाल ने शीला दीक्षित पर भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, बाद में उन्हीं से चुनाव में समझौता करने की कोशिश की
- कांग्रेस ने कहा, मूल मुद्दों से भटकाने के लिए भाजपा-आप कर रहे झूठ की राजनीति
विस्तार
अरविंद केजरीवाल ने एमसीडी में 2500 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि अगर मामले की जांच हो तो यह घोटाला कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान हुए घोटालों से भी बहुत ब़ड़ा हो सकता है। अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर करारा हमला करते हुए भाजपा ने कहा है कि वे केवल झूठ की सियासत करते हैं। पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर वे मुख्यमंत्री बन चुके हैं और अब निगम चुनाव देखकर उसके बारे में गलतबयानी करने लगे हैं। भाजपा का कहना है कि अगर उनके पास घोटाले का कोई भी प्रमाण है तो उन्हें सीधे अदालत का रूख करना चाहिए, अन्यथा दिल्ली की जनता से झूठ बोलने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
2500 करोड़ रुपये का क्या है मामला?
दरअसल, नगर निगमों के कार्य संचालन के लिए रामलीला मैदान के पास सिविक सेंटर का निर्माण किया गया है। भवन की स्थिति के अनुसार यह उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में आता है, लेकिन इस भवन से उत्तरी दिल्ली नगर निगम और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम दोनों अपना कार्य संचालन करते हैं।
अपने क्षेत्र में स्थित एक भवन के उपयोग के कारण उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने दक्षिणी दिल्ली नगर निगम से 2500 करोड़ रुपये की मांग की थी। यह राशि उत्तरी दिल्ली का नगर निगम अपने बजट में दिखाता रहा है, लेकिन आज तक न तो दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने किसी राशि का भुगतान किया और न ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस पर से अपना दावा छोड़ा। यह अभी भी लेजर बैलैंस के रूप में बना हुआ है। केजरीवाल अब इसे भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं।
'कब तक झूठ की सियासत करेंगे केजरीवाल'
पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी के पूर्व चेयरमैन संदीप कपूर ने अमर उजाला से कहा कि यही अरविंद केजरीवाल कहते थे कि उनके पास शीला दीक्षित के भ्रष्टाचार के एक बोरे सबूत हैं। अगर वे मुख्यमंत्री बन जाएंगे तो शीला दीक्षित जेल में होंगी। लेकिन सभी जानते हैं कि यही झूठ बोलकर केजरीवाल मुख्यमंत्री बन गए लेकिन शीला दीक्षित के विरोध में वे एक भी बात साबित नहीं कर पाए। उलटे लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के दौरान वे बार-बार शीला दीक्षित की अगुवाई वाली कांग्रेस से गठबंधन की राह खोजते रहे। ऐसे में जनता को उनके आरोपों की सच्चाई समझनी चाहिए।
कोर्ट क्यों नहीं जाते अरविंद केजरीवाल
वहीं, दिल्ली कांग्रेस की उपाध्यक्ष शिवानी चोपड़ा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने अपनी पार्टी की बुनियाद एक झूठ पर रखी है। जिस लोकपाल के गठन के नाम पर उन्होंने पूरा आंदोलन चलाया, वे दिल्ली में उसी लोकपाल का गठन नहीं होने दे रहे हैं। उन्होंने शीला दीक्षित पर भी झूठे आरोप लगाए थे, लेकिन अपने आरोप वे कभी साबित नहीं कर पाए। इस तरह की झूठ की राजनीति पर कोर्ट को भी संज्ञान लेना चाहिए क्योंकि इससे किसी की छवि को भारी नुकसान पहुंचता है।
शिवानी चोपड़ा ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी मिलजुलकर झूठ की सियासत करते हैं। अगर उनके पास कोई सबूत हैं तो उन्हें कोर्ट का रूख करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सब केवल जनता का ध्यान मूल मुद्दों से भटकाने की कोशिश होती है। क्योंकि सच्चाई तो यह है कि अरविंद केजरीवाल अपने छह साल के शासन काल में दिल्ली के लोगों को साफ पानी तक उपलब्ध नहीं करवा सके हैं।
वहीं भाजपा शासित नगर निगम ने भी दिल्ली को कूड़ाघर बनाकर रख दिया है और साफ-सफाई की अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी तक को भी नहीं निभाया है। ऐसे में दोनों ही दल चाहते हैं कि जनता इन मूल मुद्दों पर बातचीत न करे, इसलिए एक दूसरे पर आरोप लगाकर जनता का ध्यान मूल मुद्दों से हटाने की कोशिश हो रही है।