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Delhi : दिल्ली में राष्ट्रपति शासन पर भाजपा-आप में घमासान, सरकार बर्खास्त करने के सवाल पर आशंका और आरोप

Wed, 11 Sep 2024 05:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 11 Sep 2024 05:44 AM IST
सार

भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री जेल में हैं। दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था ठप है। दिल्ली सरकार बार-बार संविधान का उल्लंघन कर रही है। लिहाजा सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। वहीं, दिल्ली में साजिशन राष्ट्रपति शासन लगाने की आशंका जाहिर करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि आगामी चुनाव से पहले ही भाजपा ने हार मान ली है।

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BJP-AAP clash over President's rule in Delhi
पूर्व दिल्ली भाजपा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा विधायकों की तरफ से दिल्ली सरकार को भंग करने के लिए राष्ट्रपति को सौंपे गए ज्ञापन और राष्ट्रपति सचिवालय की तरफ से इस मसले को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे जाने के बाद दिल्ली में सियासी घमासान मच गया है। भाजपा का कहना है कि मुख्यमंत्री जेल में हैं। दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था ठप है। दिल्ली सरकार बार-बार संविधान का उल्लंघन कर रही है। लिहाजा सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए। वहीं, दिल्ली में साजिशन राष्ट्रपति शासन लगाने की आशंका जाहिर करते हुए आम आदमी पार्टी ने कहा है कि आगामी चुनाव से पहले ही भाजपा ने हार मान ली है।

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इससे पहले नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता की अगुवाई में भाजपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने 30 अगस्त को राष्ट्रपति से मुलाकात की थी। भाजपा नेताओं ने राष्ट्रपति को बताया था कि दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था पंगु हो गई है। अभी तक छठे दिल्ली वित्त आयोग का गठन नहीं हुआ है। वहीं, सीएजी की 11 रिपोर्ट को सदन में नहीं रखी गई है। इसके साथ केंद्र सरकार की योजनाओं को जानबूझकर लागू नहीं किया गया है। मांग थी कि संविधान के लगातार उल्लंघन को देखते हुए दिल्ली सरकार को बर्खास्त करना चाहिए।
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इस पर राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से सोमवार विजेंद्र गुप्ता को लिखे पत्र में कहा गया है कि दिल्ली विधानसभा के सात अन्य विधायकों और एक पूर्व विधायक के संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित 30 अगस्त के पत्र को स्वीकार कर लिया गया है। मसले पर उचित ध्यान के लिए इसे गृह मंत्रालय के गृह सचिव को भेज दिया गया है।
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भाजपा बोली, सीएम जेल में, दिल्ली की प्रशासनिक व्यवस्था ठप
नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को फिर से दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। गुप्ता के मुताबिक, वित्त आयोग का गठन न होने से दिल्ली नगर निगम की वित्तीय स्थिति खराब हो गई है। पिछले पांच महीने से विधानसभा का सत्र तक नहीं बुलाया गया है। सत्र के दौरान प्रश्नकाल नहीं रखा जाता है। बारिश में 50 लोगों की मौत हो गई। जगह-जगह जलभराव हो रहा है जिस कारण ट्रैफिक जाम की समस्या है। सड़कें टूटी हुई हैं और हर दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। गुप्ता ने कहा कि शराब घोटाला मामले में मुख्यमंत्री जेल में हैं। कैबिनेट की बैठकें तक नहीं हो रही है। दिल्ली जल बोर्ड 73,000 करोड़ रुपये कर्ज में है। दिल्ली स्किल आंत्रप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी में एक हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। राजनीतिक नियुक्तियां की जा रही है। दिल्ली विश्वविद्यालय के 12 कॉलेजों को फंड ही नहीं मिल रहा। सियासत करने की जगह इस पर दिल्ली सरकार और आम आदमी पार्टी का जवाब देना चाहिए।

आप हमलावर, सरकार गिराने का षडयंत्र रचने का आरोप
दिल्ली सरकार की मंत्री आतिशी ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। आतिशी ने कहा है कि भाजपा ने चुनाव से पहले ही मानी हार मान ली है। तभी चोर दरवाजे से दिल्ली सरकार को बर्खास्त करना चाहती है। आरोप है कि भाजपा का एक मात्र काम चुनी हुई विपक्षी सरकारों को गिराना है।भाजपा जब दिल्ली में आप के विधायक नहीं खरीद सकी, तो चुनी हुई सरकार को गिराने का षड्यंत्र शुरू कर दिया। आतिशी ने चेतावनी दी है कि अगर भाजपा षड्यंत्र रचकर अरविंद केजरीवाल की सरकार गिराएगी तो आने वाले चुनावों में दिल्ली की जनता भाजपा को मुंहतोड़ जवाब देगी। दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगा तो आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीरो सीटें आयेंगी।


वहीं, आप सांसद संजय सिंह का कहना है कि भाजपा तय करे, उसे दिल्ली में आज हारना है या चार महीने बाद। भाजपा दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है। इसका मतलब है कि उसकी मंशा चार महीने पहले हारने की है। अगर भाजपा दिल्ली विधानसभा चुनाव में अभी हारना चाहती है तो चुनाव की घोषणा कर दे, हम पीछे नहीं हट रहे हैं। संजय सिंह का आरोप है कि देश में आर्थिक-सामाजिक रूप से पिछड़े लोगों को आरक्षण मिला है, इसे खत्म करने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता। सिखों के प्रति दुर्भावना रखने वाली भाजपा ने किसान आंदोलन के दौरान उन्हें पाकिस्तानी, खालिस्तानी और आतंकवादी कहा था।

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