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बिसरख में बना रावण का मंदिर, 20 भुजाओं वाली प्रतिमा होगी स्थापित

Tue, 31 May 2016 04:59 PM IST
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा
आशुतोष दुबे/अमर उजाला, नोएडा Updated Tue, 31 May 2016 04:59 PM IST
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Bisrk making Ravana temple, the statue will be installed 20 armed
रावण का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

नोएडा से 10 किलोमीटर की दूरी पर रावण का गांव बिसरख है। यहां न रामलीला होती है, न ही रावण दहन किया जाता है। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। यहां लोग अपनी मुराद पूरी करने के लिए रावण द्वारा स्थापित शिवलिंग की पूजा करने आते हैं।

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फिलहाल मुख्य मंदिर से कूछ दूरी पर एक मंदिर मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें रावण की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। निर्माणाधीन मंदिर के बरामदे में दस शीश और 20 भुजाओं वाली रावण की प्रतिमा रखी हुई है।
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इस मंदिर से कुछ दूरी पर शिव मंदिर है जिसे गांव वाले रावण का मंदिर कह कर पुकारते हैं। इस मंदिर में रावण की कोई प्रतिमा या चित्र तक नहीं है। जिसकी वजह से लोगों ने यहां रावण की मूर्ति स्थापित करने के लिए इसका निर्माण कराया था। 

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उपेक्षा का शिकार बना हुआ है प्राचीन शिव मंदिर 

Bisrk making Ravana temple, the statue will be installed 20 armed
मंदिर - फोटो : अमर उजाला
लेकिन आज तक यह प्रतिमा स्थापित नहीं हो पाई। जो लोग रावण के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध शिव मंदिर के दर्शन करने आते हैं वह इस प्रतिमा का भी दर्शन करते हैं । ऐसी मान्यता है कि रावण के पिता मुनि विश्वेश्वर ने यहीं पर तप किया था। उन्हीं के नाम से बिसरख पड़ा। ऐसी मान्यता है कि रावण का जन्म भी बिसरख में ही हुआ था। दो मंदिर के पुजारियों के आपसी गुटबाजी के चलते पिछले एक दशक से रावण की प्रतिमा स्थापित किए जाने की बाट जोह रही है। 

15 जून को होगी स्थापना 
जिस मंदिर के बरामदे में रावण की प्रतिमा रखी हुई है। वह बाबा मोहन राम का मंदिर है। इसी मंदिर की कमेटी द्वारा मंदिर में निर्माण काम कराया जा रहा है। 15 जून को मंदिर में रावण की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

वहीं, प्राचीन शिव मंदिर अभी भी उपेक्षा का शिकार हो रहा है। यहां करीब एक साल पहले ग्रेनो प्राधिकरण की ओर से 40 लाख रुपये का बजट पास कर मंदिर का जीर्णोद्धार कराया जाना था। जिसमें अभी तक महज मंदिर की चारदीवारी के अलावा एक हॉल का निर्माण हो सका है। बाकी काम बीच में ही अधूरा है। मंदिर के साथ ही शैल पुत्री माता का मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। जिसका करीब 50 प्रतिशत काम हो चुका है।
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