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कूड़े में फेंका जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों का रिकार्ड
अमर उजाला,
Updated Tue, 17 Nov 2015 12:40 AM IST
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जिन जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्रों को बनवाने में जनता के पसीने छूट जाते हैं, उसके रिकार्ड को नगर निगम के अधिकारियों ने कूड़े में फेंकवा दिया।
हजारों की संख्या में जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्रों का रिकार्ड निगम मुख्यालय के बेसमेंट में डाल दिए। लोगों को डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनवाना पड़ा तो नगर निगम में रिकार्ड नहीं मिलेगा।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बाद रिकार्ड को रिकार्ड रूम में रखा जाना चाहिए। इसके लिए निगम ने ग्राउंड फ्लोर पर ही रिकार्ड रूम बना भी रखा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और रिकार्ड विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से हजारों प्रमाण पत्र का रिकार्ड बेकदरी से पड़ा हुआ है।
महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रिकार्ड बेकार हो जाने पर निगम में यह भी जानकारी नहीं मिल सकेगी कि वह किन लोगों के प्रमाण पत्र जारी कर चुका है।
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जारी किए गए प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन कराना पड़ा तो यह भी नहीं हो सकेगा। इस रिकार्ड में लोगों के फोटो, एफिडेविट व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल है।
खुराफातियों के हाथ लगा तो इन दस्तावेजों का दुरुपयोग भी किया जा सकता है। इन्हीं दस्तावेज के आधार पर दोबारा भी प्रमाण पत्र जारी कराया जा सकता है।
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हजारों की संख्या में जन्म-मृत्यु के प्रमाण पत्रों का रिकार्ड निगम मुख्यालय के बेसमेंट में डाल दिए। लोगों को डुप्लीकेट प्रमाण पत्र बनवाना पड़ा तो नगर निगम में रिकार्ड नहीं मिलेगा।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बाद रिकार्ड को रिकार्ड रूम में रखा जाना चाहिए। इसके लिए निगम ने ग्राउंड फ्लोर पर ही रिकार्ड रूम बना भी रखा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और रिकार्ड विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही से हजारों प्रमाण पत्र का रिकार्ड बेकदरी से पड़ा हुआ है।
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महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। रिकार्ड बेकार हो जाने पर निगम में यह भी जानकारी नहीं मिल सकेगी कि वह किन लोगों के प्रमाण पत्र जारी कर चुका है।
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जारी किए गए प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन कराना पड़ा तो यह भी नहीं हो सकेगा। इस रिकार्ड में लोगों के फोटो, एफिडेविट व अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल है।
खुराफातियों के हाथ लगा तो इन दस्तावेजों का दुरुपयोग भी किया जा सकता है। इन्हीं दस्तावेज के आधार पर दोबारा भी प्रमाण पत्र जारी कराया जा सकता है।