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खुशखबरी: अब सात दिन में मिलेगा जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र

Sat, 03 Oct 2015 06:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Sat, 03 Oct 2015 06:56 PM IST
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birth and death certificate will be delivered in 7 days in gurgaon

स्वास्थ्य विभाग से काम करवाने में अब देरी नहीं होगी। स्वास्थ्य विभाग में राइट टू सर्विस एक्ट लागू कर दिया गया है। अब अधिकारियों को समय सीमा के अंदर काम निपटाना होगा।

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काम की लेटलतीफी होने की सूरत में अधिकारी जिम्मेवार होंगे। जनता की शिकायत पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। जिला स्तर पर अपीलीय अधिकारी उपायुक्त को बनाया गया है।
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दरअसल, स्वास्थ्य विभाग में मुख्य रूप से जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र का सत्यापन, मेडिकल और अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से संबंधित कामों के लिए लोग चक्कर काटते हैं।
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इसे देखते हुए सरकार ने सात मई को अधिसूचना जारी कर चुनिंदा विभागों में यह लागू किया। करीब 15 दिन पहले मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इसका पालन करने का निर्देश दिया है।

इस एक्ट के तहत होने वाले कामों की सूची एक बोर्ड पर अंकित कर कार्यालय में लगाने का निर्देश दिया है। जिससे पता चल सके कि उन्हें किस अधिकारी के पास शिकायत करनी है। समस्या का समाधान न होने पर एक्ट में अपील करने का भी अधिकार है।

चालू वर्ष के लिए अब इस काम के लिए सरकार ने सात दिन की सीमा तय कर दी है। पुराने कामों के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। जन्म व मृत्यु के आधार पर इसकी जिम्मेवारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व अस्पताल से संबंधित रजिस्ट्रार को दिया गया है।

प्रथम अपीलीय अधिकारी के रूप में सिविल सर्जन और इसके बाद अपीलीय अधिकारी उपायुक्त को बनाया गया है। वहीं, एक साल पूर्व मामले में 60 दिन का समय तय किया गया है।

जबकि इसमें सुधार के लिए 15 दिन तय हुआ है। अगर अधिकारी समय पर काम नहीं कर पा रहे है तो राइट टू सर्विस कमिश्नर 250 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक जुर्माना लगा सकता है।


स्वास्थ्य विभाग ने अपने सभी कामों के लिए समय सीमा तय कर दी है। अस्पताल, पीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी राइट टू सर्विस एक्ट की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाने को कहा गया है। -डॉ. डीपी लोचन, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग

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