बर्ड फ्लू मामला: तीन पक्षियों में मिला एच5एन8 वायरस
दिल्ली के चिड़ियाघर में मरे जिन तीन पक्षियों में बर्ड फ्लू संक्रमण पाया गया था, उसमें एच5एन8 श्रेणी के एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। यह फाइनल रिपोर्ट भोपाल की सेंट्रल लैब ने सौंपी है।
विकास मंत्री गोपाल राय ने कहा कि विशेषज्ञों के साथ बैठक में यह बात साफ हुई है कि एच5 में 15 श्रेणी के वायरस होते हैं। दिल्ली के पक्षियों में जो एच5एन8 वायरस मिला है, वह मनुष्य के लिए ज्यादा खतरनाक नहीं है।
गोपाल राय ने बताया कि अमेरिका, जापान, जर्मनी, वियतनाम समेत तमाम देशों में इस वायरस ने पक्षियों पर अलग-अलग समय में असर दिखाया है, लेकिन मनुष्य पर हमले का कोई इतिहास नहीं है। इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
6 और बत्तखों के मरने की सूचना
विकास मंत्री ने बताया कि हौजखास स्थित डियर पार्क (डिस्ट्रिक्ट पार्क) में शुक्रवार को भी 6 और बत्तखों के मरने की सूचना मिली है। चिड़ियाघर या किसी अन्य जगह और पक्षी मरने की कोई सूचना नहीं है।
चिड़ियाघर, गाजीपुर मुर्गा मंडी, ओखला, डियर पार्क समेत चिन्हित जगहों पर टीमें तैनात हैं। गाजीपुर, चिड़ियाघर और डियर पार्क में दवा का छिड़काव किया जा रहा है। चिड़ियाघर के अधिकारियों व कर्मचारियों को एहतियातन टेमी फ्लू टेबलेट शुक्रवार को दी गई।
राजधानी में आने वाले मुर्गों में भी किसी तरह के संक्रमण की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। फिर भी मुर्गा मंडी में बिना मेडिकल सर्टिफिकेट के मुर्गों का प्रवेश रविवार से बंद कर दिया गया है। शनिवार को चेतावनी के तौर पर एक घंटे के लिए गेट पर बिना मेडिकल सर्टिफिकेट वाले वाहनों को रोका जाएगा।