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इसके बनते ही दुनियाभर में छा जाएगा फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Fri, 11 Jul 2014 06:19 PM IST
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फरीदाबाद-गुड़गांव रोड पर बनाया जा रहा बायोटेक क्लस्टर जल्द ही शहर को विश्वस्तरीय पहचान दिलाएगा। जीवनरक्षक शोधों के साथ ही कृषि, स्वास्थ्य और ऊर्जा के क्षेत्र में नए अविष्कार का भी शहर गवाह बनेगा।
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अनुसंधान केंद्र को विश्व स्तरीय बनाने के लिए प्रयोगशालाओं के साथ ही इंक्यूबेटर, एडवांस टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म सेंटर, एनिमल एक्सपेरिमेंटल सेंटर का भी निर्माण किया जाएगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे विश्वस्तरीय बनाने की घोषणा की है।
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गुड़गांव में चल रहे यूनेस्को रीजनल फॉर बायोटेक्नॉलोजी इंस्टीट्यूट को सितंबर के आखिर तक फरीदाबाद में शिफ्ट करने की योजना है। ऐसे में अब फरीदाबाद में ही जीवन रक्षा से संबंधित विश्व स्तर के शोध हो सकेंगे। इससे न केवल भारत बल्कि विदेशों के शोधार्थियों को भी लाभ मिलेगा।
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मिनिस्ट्री आफ साइंस एंड टेक्नॉलोजी के एडवाइजर एस. सिन्हा ने बताया कि केंद्र में शिक्षा, प्रशिक्षण के साथ ही स्वास्थ, कृषि, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में दुनिया भर के शोधार्थी काम करेंगे।
करीब 200 एकड में बनाए जा रहे बायोटेक क्लस्टर में इंस्टीट्यूट के साथ ही एडवांस टेक्नॉलोजी प्लेटफार्म सेंटर, इंक्यूबेटर, एनिमल एक्सपेरिमेंटल सेंटर आदि का भी निर्माण किया जा रहा है। सेल आधारित चिकित्सा और वैक्सीन के लिए जीएमपी इकाइयां भी लगाई जाएंगी। जिससे नए दवाइयों का जानवरों पर प्रयोग किया जा सकेगा।
संस्थान में उद्योग जगत में होने वाले प्रयोगों को बड़े स्तर पर ट्रायल लिया जाएगा। यहां पर हाइब्रिड बीज पर भी काम होगा, ताकि कम जगह और पानी में ज्यादा पैदावार करके खाद्यान्न जरूरतों को पूरा किया जा सके।
इन्हें मिलेगा सहयोग
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), आईआईटी, जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, इम्यूनोलॉजी के राष्ट्रीय संस्थान, राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र आदि के शोधार्थियों को मदद मिलेगी।