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किसानों के समर्थन में सिंघु बॉर्डर पहुंची शाहीन बाग की बिलकिस दादी को पुलिस ने वापस भेजा
Tue, 01 Dec 2020 04:21 PM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Tue, 01 Dec 2020 04:21 PM IST
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बिलकिस दादी
- फोटो : ANI
शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आईं बिलकिस दादी भी किसानों के समर्थन करने मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पहुंची थीं। पुलिस ने उन्हें यहां से वापस भजे दिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि हम किसानों की बेटियां हैं। आज हम किसानों के प्रदर्शन स्थल पर जाकर उनका समर्थन करेंगे। हम अपनी आवाज उठाएंगे। सरकार को हमारी बात सुननी पड़ेगी।
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We are daughters of farmers, we'll go to support farmers' protest today. We will raise our voice, the government should listen to us: Bilkis Dadi, Shaheen Bagh activist #Delhi pic.twitter.com/Cfo50IrVxP
— ANI (@ANI) December 1, 2020विज्ञापन
पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने कहा कि वह एक वरिष्ठ नागरिक हैं और कोविड-19 महामारी के चलते हमने उन्हें सिंघू बॉर्डर पर रोक दिया और उनकी सुरक्षा के लिए वापस जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी तरह की असुविधा न हो इसलिए पुलिस के एक दल ने उन्हें दक्षिण पूर्वी दिल्ली में स्थित उनके घर पहुंचा दिया।
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100 प्रभावशाली शख्सियतों में शुमार रही हैं शाहीन बाग वाली की बिलकिस दादी
इस बार टाइम मैगजीन ने दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में बिलकिस दादी को भी शामिल किया था। शाहीन बाग की दादी बिलकिस ने इस पर कहा था कि जिस कानून के विरोध में वह धरने पर बैठी थीं, उसी धरने को देखकर दुनिया ने शाहीन बाग का सजदा किया है। उनका कहना है कि हम शांतिप्रिय लोग हैं, इसलिए कोरोना संकट आने के बाद ही खुद प्रदर्शन को समाप्त करने का फैसला लिया। इस सम्मान को पाने के बाद बिलकिस दादी ने टाइम मैगजीन का शुक्रिया अदा किया था। उनका कहना है कि वह मरते दम तक सीएए कानून का विरोध करती रहेंगी।
विज्ञान भवन में केंद्र सरकार और 35 किसान नेताओं के बीच बातचीत जारी
कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार छठे दिन भी जारी है। वहीं दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठन के नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत शुरू हो गई है। बैठक से पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हम किसानों को जो विकल्प देने वाले हैं वह बिल्कुल उनकी मांगों पर ही आधारित है।
टिकरी बॉर्डर आज भी बंद
वहीं, ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी है कि टिकरी बॉर्डर आज भी बंद है। दिल्ली पुलिस को बॉर्डर से ज्यादा नई दिल्ली जिले की सुरक्षा की चिंता है। बॉर्डरो से किसानों को प्रवेश करने की अनुमति मिल रही है लेकिन नई दिल्ली इलाके में जाने की इजाजत नहीं है। जिले में धारा 144 को कड़ाई से लागू कर दिया गया है।
बाकि संगठनों को भी बातचीत के लिए बुलाए सरकार
पंजाब किसान संघर्ष कमेटी के संयुक्त सचिव सुखविंदर एस सभरन ने कहा कि देश में किसान संगठनों की संख्या 500 से भी अधिक है, लेकिन सरकार ने बातचीत के लिए केवल 32 संगठनों को न्योता दिया है। अन्य संगठनों को सरकार ने नहीं बुलाया। जबतक सभी संगठनों को न्योता नहीं दिया जाता, तबतक हम बातचीत के लिए नहीं जाएंगे।