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बाइक बोट फर्जीवाड़ा मामलाः 17 बैंक खातों में निवेश कर खपा दिए थे 1500 करोड़ रुपये

Sat, 22 Jun 2019 05:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा
अमर उजाला ब्यूरो, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 22 Jun 2019 05:39 AM IST
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bike boat fraud rupees 1500 were invested in 17 bank accounts
डेमो - फोटो : डेमो

बाइक बोट कंपनी के तहत 17 बैंक खातों में करीब 1500 करोड़ रुपये का निवेश कर रुपये ठिकाने लगा दिए गए थे। इनमें 650 करोड़ रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह पूरा फर्जीवाड़ा 5 हजार करोड़ से ऊपर का हो सकता है। 

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इसके अलावा बाइक बोट कंपनी के डायरेक्टरों ने इन पैसों से 8.75 करोड़ रुपये के वाहन खरीदे थे। इनमें 35 लग्जरी कारें व 104 बाइक शामिल हैं। पुलिस ने इन वाहनों को जब्त कर लिया है।
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एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि वर्ष 2017 में बाइक बोट कंपनी का संचालन हुआ। संजय भाटी ने पहला कार्यालय नोएडा के सेक्टर-15 में खोला। इसके बाद बाइक पर निवेश कराने के लिए निवेशकों को आकर्षक ऑफर देने लगा। निवेशकों से 62100 रुपये जमा कराने लगा। 
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धीरे-धीरे नोएडा के बाहर बागपत, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कानपुर, बनारस, लखनऊ तक फ्रेंचाइजी खोली गई। इसके बाद हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, महाराष्ट्र में भी फ्रेंचाइजी दी गई। अक्तूबर 2018 तक करीब 2.25 लाख निवेशक बनाए गए। 

वहीं, कंपनी के खिलाफ दर्ज हुई 37 एफआईआर की जांच एक एसआईटी कर रही है। इस टीम ने मुख्य आरोपी व मास्टरमाइंड संजय भाटी को 5 दिन और दूसरे विजयपाल कसाना को  3 दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की। इस दौरान कंपनी के दनकौर स्थित चीती में बनाए गए मुख्य कार्यालय में छानबीन की गई जहां से 102 बाइक  बरामद हुईं। 

इसके अलावा यह भी पता चला था कि आरोपियों ने पहले ही बहुत साक्ष्यों को जलाकर नष्ट कर दिया था। इसके साथ मौके से फर्जी चेक से भरे 5 बोरे भी मिले। कंपनी को बंद करने के बाद विरोध करने वाले निवेशकों को यही चेक देकर आरोपियों के भागने की योजना थी।

मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका

मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम ने अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ से मनी लॉंड्रिंग की भी आशंका जताई जा रही है। बाइक बोट के अलग-अलग नाम से 17 बैंक खाते बनाए गए थे। अभी भी और खाते मिल सकते हैं। इन खातों में अब पैसे नहीं हैं। अलग-अलग चेन के रूप में इन खातों से पैसे ट्रांसफर किए गए हैं।
अब तक की बरामदगी
चारपहिया : 35 कारें जिनमें रेंज रोवर, फॉच्यूर्नर, स्कॉर्पियो आदि।
दो पहिया: 104 बाइक
अब तक गिरफ्तारी
संजय भाटी निवासी चीती, दनकौर व विजयपाल कसाना निवासी पल्लवपुरम, मेरठ
गिरफ्तार करने वाली टीम
शलेश कुमार, प्रभारी एनईओ डब्ल्यू, भुवनेश कुमार, एसएचओ एक्सप्रेस वे, इंस्पेक्टर सुनील कुमार नेगी, यतेंद्र यादव, स्टार टू टीम, शावेज खान, प्रभारी स्वाट टीम।
डिप्लोमा होल्डर ने बड़े-बड़े को ठगा
संजय भाटी ने वर्ष 1998 में काशीपुर से केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया था। इस डिप्लोमा होल्डर ने बड़े-बड़े लोगों को ठग लिया। वर्ष 2010 में संजय भाटी ने गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड की शुरुआत की थी। इसके बाद वर्ष 2017 में बाइक बोट को लांच किया था।
हवाला से भी पैसे भेजने की आशंका
जिस तरह से डेढ़ हजार करोड़ रुपये के बारे में अब तक पता चला है और 650 करोड़ रुपये अलग अलग खातों में भेजे गए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हवाला से पैसे भेजे गए हैं। इनमें कुछ विदेशी खाते भी हो सकते हैं। अब इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय भी कर सकता है। नोएडा पुलिस ने प्रवर्तन निदेशालय को इस मामले की जानकारी दी है।
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