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ग्रेनो प्राधिकरण के आवंटियों को बड़ी राहत, अतिरिक्त मुआवजे की रिकवरी की दरें होंगी कम
Thu, 20 Jun 2019 02:55 AM IST
शाहरुख खान
अरविंद सिंह, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अरविंद सिंह, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 20 Jun 2019 02:55 AM IST
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ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को अतिरिक्त मुआवजे की आवंटियों से रिकवरी की दरें घटाने का फैसला किया है। इससे हजारों आवंटियों पर अतिरिक्त मुआवजा के नाम पर वित्तीय बोझ कम हो जाएगा।
2011 में हाईकोर्ट के आदेश पर किसानों को अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान (64.7%) किया जा रहा है। खासकर उन किसानों को जिनकी जमीन अर्जेंसी क्लॉज लगाकर ली गई।
प्राधिकरण इसकी भरपाई आवंटियों से कर रहा है, लेकिन मुआवजे की रिकवरी की दरें अधिक होने से आवंटी विरोध कर रहे थे। दरअसल, प्राधिकरण किसान से ली गई कुल जमीन पर मुआवजे की रिकवरी आवंटियों से करता है। विकास में इस्तेमाल हुई जमीन (रोड, सीवर, पानी की लाइन, बिजली, पार्क आदि) के मुआवजे की रकम भी इसमें शामिल है, जबकि आवंटी की कोई गलती भी नहीं है।
अब प्राधिकरण ने तय किया है कि आवंटी से सिर्फ उतनी जमीन का मुआवजा लिया जाएगा, जितना उसे आवंटित है। इसी के आधार पर गणना करते प्राधिकरण ने नई दरें तय कर दी हैं, जिस पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है, लेकिन यह शासन से अनुमोदन के बाद लागू होगा। इस फैसले से हजारों आवंटियों को फायदा होगा। उन पर मुआवजे की रिकवरी का बोझ कम हो जाएगा।
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2011 में हाईकोर्ट के आदेश पर किसानों को अतिरिक्त मुआवजे का भुगतान (64.7%) किया जा रहा है। खासकर उन किसानों को जिनकी जमीन अर्जेंसी क्लॉज लगाकर ली गई।
प्राधिकरण इसकी भरपाई आवंटियों से कर रहा है, लेकिन मुआवजे की रिकवरी की दरें अधिक होने से आवंटी विरोध कर रहे थे। दरअसल, प्राधिकरण किसान से ली गई कुल जमीन पर मुआवजे की रिकवरी आवंटियों से करता है। विकास में इस्तेमाल हुई जमीन (रोड, सीवर, पानी की लाइन, बिजली, पार्क आदि) के मुआवजे की रकम भी इसमें शामिल है, जबकि आवंटी की कोई गलती भी नहीं है।
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अब प्राधिकरण ने तय किया है कि आवंटी से सिर्फ उतनी जमीन का मुआवजा लिया जाएगा, जितना उसे आवंटित है। इसी के आधार पर गणना करते प्राधिकरण ने नई दरें तय कर दी हैं, जिस पर बोर्ड ने मुहर लगा दी है, लेकिन यह शासन से अनुमोदन के बाद लागू होगा। इस फैसले से हजारों आवंटियों को फायदा होगा। उन पर मुआवजे की रिकवरी का बोझ कम हो जाएगा।
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बिल्डर फ्लैट खरीदारों से वसूल रहे
प्राधिकरण ने किसानों को दी गई अतिरिक्त मुआवजे की धनराशि की रिकवरी बिल्डरों पर भी थोपी है। बिल्डर भी इसका बोझ खुद न उठाकर फ्लैट खरीदारों से वसूल रहे हैं। खरीदार फ्लैट की रजिस्ट्री कराने से पहले अंतिम भुगतान करते समय अतिरिक्त मुआवजे की राशि भी जमा कर रहे हैं। बोर्ड के इस फैसले के लागू होने से इन फ्लैट खरीदारों को भी राहत मिलेगी।
अतिरिक्त रकम समायोजित करेगा प्राधिकरण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जिन आवंटियों से अतिरिक्त मुआवजे की रिकवरी मौजूदा दर पर कर ली है, नई दरें लागू होने के बाद अंतर (मौजूदा और अनुमोदित दरें) की धनराशि आवंटियों के प्लॉट की बकाया राशि, लीज रेंट आदि में समायोजित होंगी। इसके बाद भी अगर धनराशि बचती है तो उसे वापस किया जाएगा। वापसी के लिए 30 सितंबर तक का समय तय किया गया है।
प्लॉट की श्रेणी मौजूदा दर अनुमोदित दर
बिल्डर्स/ग्रुप हाउसिंग 2015 1769
व्यावसायिक योजना 3300 483
संस्थागत/आईटी 550 483
आवासीय 1465 1287
फार्म हाउस 500 434
स्पोर्ट्स सिटी 550 483
रीक्रिएशनल ग्रीन 550 483
(सभी दरें रुपये प्रति वर्ग मीटर में हैं।)
अतिरिक्त रकम समायोजित करेगा प्राधिकरण
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने जिन आवंटियों से अतिरिक्त मुआवजे की रिकवरी मौजूदा दर पर कर ली है, नई दरें लागू होने के बाद अंतर (मौजूदा और अनुमोदित दरें) की धनराशि आवंटियों के प्लॉट की बकाया राशि, लीज रेंट आदि में समायोजित होंगी। इसके बाद भी अगर धनराशि बचती है तो उसे वापस किया जाएगा। वापसी के लिए 30 सितंबर तक का समय तय किया गया है।
प्लॉट की श्रेणी मौजूदा दर अनुमोदित दर
बिल्डर्स/ग्रुप हाउसिंग 2015 1769
व्यावसायिक योजना 3300 483
संस्थागत/आईटी 550 483
आवासीय 1465 1287
फार्म हाउस 500 434
स्पोर्ट्स सिटी 550 483
रीक्रिएशनल ग्रीन 550 483
(सभी दरें रुपये प्रति वर्ग मीटर में हैं।)
नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण एक ही एक्ट से बने हैं। कोर्ट का आदेश भी एकसमान है, फिर भी दोनों प्राधिकरण मुआवजे की वसूली आवंटियों से अलग-अलग दर पर कर रहे हैं। दोनों प्राधिकरणों की दरें एकसमान होनी चाहिए। ग्रेनो प्राधिकरण बोर्ड ने अतिरिक्त मुआवजे की वसूली की दरें कम करने का निर्णय तो लिया है, लेकिन ये नोएडा की तुलना में अब भी ज्यादा हैं।
- मनोज गौड़, एमडी गौड़ संस
- मनोज गौड़, एमडी गौड़ संस