अस्पताल में रखा शव कुत्तों ने नोंचा: परिजनों का हंगामा, कहा- स्टाफ ने की लापरवाही; डॉक्टर बोले- आरोप बेबुनियाद
स्थानीय निवासी नवीन कुमार ने बताया कि लालाराम की मृत्यु के बाद अस्पताल संचालक ने उनके शव को नीचे बेसमेंट में रखवा दिया। बेसमेंट में रखे युवक के शव के सर को कुत्तों ने बुरी तरह खा लिया। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया।
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शुक्रवार को बिलासपुर मार्ग पर हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल दो युवकों में से एक ने रेवाड़ी में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया, जबकि एक की हालत गंभीर बताई गई। इस मामले में निजी अस्पताल संचालक की बड़ी लापरवाही सामने आई। संचालक ने शव अस्पताल के बेसमेंट में रखवा दिया था, जहां कुत्तों ने शव का सर नोंच डाला। जानकारी पर परिजनों ने जमकर हंगामा काटा। तावड़ू सदर थाना पुलिस ने हादसा करने वाले अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
इंद्र सिंह निवासी सैनीपुरा ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे भतीजा लालाराम अपने साथी राकेश के साथ बाइक से ड्यूटी जा रहा था। जैसे ही वे दोनों बिलासपुर मार्ग झामुवास मोड़ के समीप पहुंचे तभी सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बाइक को अपनी चपेट में ले लिया। इस टक्कर से बाइक चालक व पीछे बैठा सवार युवक उछलकर दूर गिर गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को पटौदी रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भेजा गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए रेवाड़ी के आदित्य अस्पताल में रेफर कर दिया। उपचार के दौरान लालाराम की मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक राकेश की हालत अब भी गंभीर बनी है।
स्थानीय निवासी नवीन कुमार ने बताया कि लालाराम की मृत्यु के बाद अस्पताल संचालक ने उनके शव को नीचे बेसमेंट में रखवा दिया। बेसमेंट में रखे युवक के शव के सर को कुत्तों ने बुरी तरह खा लिया। इससे गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि अस्पताल कर्मियों और परिजनों के बीच मारपीट भी हुई। पुलिस ने हादसे की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
सुबह 70 प्रतिशत बचने की उम्मीद बताई, शाम को कहा एक से दो प्रतिशत ही समझें
तावडू निवासी बालमुकुंद ने बताया कि लालाराम उसका भाई था। चोट अधिक लगने की वजह से न्यूरो सर्जन के पास भर्ती करने के लिए उन्हें कहा गया था। लालाराम को वह शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए लाए। तब चिकित्सक ने कहा कि 70 प्रतिशत बचने की उम्मीद है। सर्जरी पर एक लाख रुपये का खर्च होगा। शाम 7 बजे के बाद बताया गया कि बचने को उम्मीद अब केवल एक से दो प्रतिशत है़। इसके बाद मालूम चला कि लालाराम की मौत हो गई है। बालमुकुंद का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें गुमराह किया है।
दोनों पक्षों ने की जांच की मांग
अब सीसीटीवी फुटेज अहम रोल निभाने वाले हैं क्योंकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उनके पास सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं। वहां पर कोई भी कुत्ता नहीं था। इधर, परिजनों का कहना है कि उनके पास भी मौके का वीडियो मौजूद है और कुत्तों के पैरों के निशान का वीडियो उनके पास है। मामले में दोनों ही पक्षों ने जांच की मांग की है। -डॉ. मणिकंदन अस्पताल संचालक
जवाब: ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, वहां पर कोई भी कुत्ता नहीं था। हमारे पास वीडियो सबूत है।
सवाल: कुत्तों के पैरों के निशान शव के पास मिले हैं?
जवाब: पेशेंट के कान से खून बह रहा था। उसके सिर पर पट्टी बांधी गई थी ताकि खून ना बहे। वहीं खून आसपास था। कुत्तों को वही लोग बाहर से लाए थे।
सवाल: दिन के समय 70 प्रतिशत बचने की उम्मीद बताई गई और शाम को कहा कि एक से दो प्रतिशत ही उम्मीद है। लापरवाही के आरोप परिजनों ने लगाए हैं।
जवाब: इलाज में लापरवाही के आरोप भी बेबुनियाद हैं। जिसकी मौत हुई है, वो शख्स काफी गंभीर अवस्था में आया था। उसके दिमाग में भी काफी ज्यादा चोट थी। बचने की उम्मीद नहीं थी। ये परिजन भी जानते थे। हमने उसे बचाने की पूरी कोशिश की। ऑपरेशन भी किया, लेकिन रात में मौत हो गई। बेसमेंट में डेड हाउस है। वहीं डेड बॉडी रखते हैं।
सवाल: डेड बॉडी के पास किसी को भी रुकने नहीं दिया गया?
जवाब: डेड बॉडी के पास परिजनों को रुकने के लिए कहा गया था। किसी को रोका नहीं था।
सवाल: परिजनों का यह भी आरोप है कि अस्पताल स्टाफ ने उनके साथ बुरा व्यवहार किया है।
जवाब: उल्टा परिजनों ने हमारे स्टाफ के साथ मारपीट की है। स्टाफ एफआईआर कराएगा।
दोनों पक्षों की ओर से शिकायत मिली है। मामले में जांच की जा रही है जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। - राकेश कुमार, प्रभारी, शहर थाना, रेवाड़ी