फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Big disclosure of corruption in under construction Barapula Phase-3, ACB will investigate

Delhi NCR News: निर्माणाधीन बारापूला फेज-3 में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा, जांच करेगी एसीबी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Jul 2025 02:20 AM IST
विज्ञापन
- 175 करोड़ के भुगतान में हुईं अनियमितताएं, पिछली आप सरकार पर एक और भ्रष्टाचार का आरोप
विज्ञापन

- परियोजना का बचा काम जल्द शुरू करने का लक्ष्य, ट्रैफिक राहत की उम्मीद

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
बारापूला एलिवेटेड रोड फेज-3 में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुआई में वित्त व्यय समिति की बैठक में इसकी समीक्षा हुई। 175 करोड़ रुपये के भुगतान और निर्माण में गड़बड़ियों की जांच भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से कराने का फैसला लिया गया है। साथ ही, परियोजना को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।


दिल्ली की ट्रैफिक समस्या हल करने वाली बारापूला एलिवेटेड रोड फेज-3 अब भ्रष्टाचार के आरोपों में फंस गई है। इसके लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त व्यय समिति की बैठक बुलाई, जिसमें इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की गई। इस दौरान पता चला कि ठेकेदार कंपनी को 175 करोड़ रुपये देने में अनियमितताएं हुईं। इसे लेकर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा जांच करेगी। साथ ही, पीडब्ल्यूडी विभाग की लापरवाही और प्रोजेक्ट में देरी पर भी नाराजगी जताई गई।
विज्ञापन


इस रोड को जल्द बनाने के आदेश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि इस रोड को जल्द बनाया जाए। यह रोड बारापूला नाले से शुरू होकर सराय काले खां और मयूर विहार फेज-3 तक जाएगी, जो दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली के बीच ट्रैफिक को आसान करेगी। पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि पेड़ों को हटाने की अनुमति मिलने के बाद काम तेजी से चलेगा। इस परियोजना के लिए ठेकेदार को साल 2025-26 में 150 करोड़ रुपये दिए गए, जिनमें से 86.43 करोड़ रुपये जून 2025 तक खर्च हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भ्रष्टाचार और लापरवाही की वजह से अटकी परियोजना : सीएम
मुख्यमंत्री ने पिछली आप सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना अक्तूबर 2017 में पूरा होना था, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही की वजह से यह अटक गया। मामला मध्यस्थता समिति और हाईकोर्ट तक पहुंचा। मई 2023 में कोर्ट ने पीडब्ल्यूडी को ब्याज और जीएसटी के साथ 175 करोड़ अदा करने का आदेश दिया, जो उस समय की पीडब्ल्यूडी मंत्री आतिशी के कार्यकाल में चुकाया गया। रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ने पुनर्विचार याचिका तक नहीं डाली और अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की, जिससे अन्य योजनाएं भी प्रभावित हुईं।


केवल 35 करोड़ में सुलझ जाता मामला
मुख्यमंत्री ने बताया कि शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि ठेकेदार कंपनी 35 करोड़ रुपये में मामला सुलझाने को तैयार थी, लेकिन उसे यह राशि नहीं दी गई। इससे विवाद बढ़ गया। मुख्यमंत्री का कहना है कि पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की भी इसमें भूमिका हो सकती है, उनकी भी जांच होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परियोजना पर असर नहीं पड़ेगा और इसे तय समय पर पूरा किया जाएगा। यह परियोजना 2011 में स्वीकृत हुई थी, लेकिन 1260.63 करोड़ की लागत से 2015 में शुरू हुआ। अब तक 87 फीसदी काम पूरा हुआ है। इसकी कुल लागत 1330 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।


बारापूला एलिवेटेड रोड फेज-3 परियोजना एक नजर में

-बारापूला नाले से सराय काले खां और मयूर विहार फेज-3 तक-सितंबर 2011 में दिल्ली सरकार की कैबिनेट ने दी मंजूरी
-शुरू में 1260.63 करोड़ रुपये, अब 1330 करोड़ अनुमानित
-अप्रैल 2015 में परियोजना शुरू हुई, 30 महीनों में पूरा होनी थी
-अब तक 1238.68 करोड़ रुपये खर्च-87 फीसदी काम पूरा
-साल 2025-26 में 150 करोड़ रुपये दिये गए, जून 2025 तक 86.43 करोड़ खर्च
-पेड़ों को हटाने की अनुमति मिलने में देरी, अब जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed