भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर तिहाड़ जेल से रिहा, 16 फरवरी तक प्रदर्शन में शामिल होने पर रोक
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नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण जेल गए भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को गुरुवार शाम जेल से रिहा कर दिया। उन्हें दिल्ली की जामा मस्जिद से गिरफ्तार कर तिहाड़ जेल भेज दिया था। दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को उन्हें सशर्त जमानत दी थी। वहीं, अदालत ने चंद्रशेखर को चार सप्ताह के लिए दिल्ली आने और 16 फरवरी तक किसी भी प्रदर्शन में शामिल होने पर रोक लगा दी है।
Delhi: Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad released from Tihar Jail. A Delhi Court had granted him bail yesterday, ordering him to not hold any protest in Delhi till February 16th. pic.twitter.com/JtGwT7JeV8
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 16, 2020
जेल से रिहा होने के बाद आजाद ने कहा कि शुक्रवार को एक बजे मैं जामा मस्जिद जाऊंगा। साथ ही मैं रामदास मंदिर, गुरुद्वारा और चर्च भी जाऊंगा।
Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad after being released from Tihar Jail, Delhi: Tomorrow I will visit Jama Masjid at 1 pm. Later, I will also visit Ravidas temple, a gurudwara and a church. pic.twitter.com/uICDQ4pExz
— ANI (@ANI) January 16, 2020
उन्होंने कहा कि हमारा आंदोलन संवैधानिक रूप से जारी रहेगा। जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता। जो लोग मुल्क को बताना चाहते हैं कि हम उनके खिलाफ हैं।
Bhim Army Chief Chandrashekhar Azad after being released from Tihar Jail, Delhi: Humara andolan samvidhanik roop se jaari rahega jab tak yeh kanoon wapas nahi liya jata. Jo log mulk ko bantna chahte hain hum unke khilaaf hain. #CitizenshipAmendmentAct pic.twitter.com/wVpUYbg935
— ANI (@ANI) January 16, 2020
बुधवार को अदालत ने सीएए विरोध में गिरफ्तार भीम आर्मी चीफ चंद्रेशखर आजाद को जमानत प्रदान करते हुए रविंद्रनाथ टैगोर की कविता 'वेहर दि माइंड इस विदाउट फियर' की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का मौलिक अधिकार सरकार अपने नागरिकों से नहीं छीन सकती।
इससे पहले दिल्ली मे भीम आर्मी स्टूडेंट्स फेडरेशन के कार्यकर्ता चंद्रशेखर आजाद की रिहाई को लेकर सड़क पर उतर आए थे। जहां उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। छात्रों ने कहा कि पुलिस चंद्रशेखर को जल्द से जल्द रिहा करे।
बता दें कि पुलिस ने जामा मस्जिद से भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर को हिरासत में ले लिया था। बाद में पुलिस ने चंद्रशेखर पर सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, लोगों को उकसाने और दंगा भड़काने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर उसे शनिवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। चंद्रशेखर के अलावा पुलिस ने हिंसा फैलाने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया था।
इससे पहले दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पुलिस को चकमा देकर वहां से भागने में कामयाब रहा था। लेकिन शाम में एक बार फिर चंद्रशेखर जामा मस्जिद में मौजूद अपने समर्थकों के बीच पहुंच गया और नारेबाजी शुरू कर दी। वहां उन्होंने कहा था कि जब तक यह काला कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक विरोध जारी रहेगा।