फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Bhawna tells Amar Ujala Aprajita campaign son Endured sickness taught tolerance and positiveity

बेटे की लाइलाज बीमारी ने सिखाई सहनशीलता और सकारात्मकता

Tue, 04 Jun 2019 05:23 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा Published by: राजेश सैनी Updated Tue, 04 Jun 2019 05:23 AM IST
सार

- डीपीएस गौतमबुद्घ नगर की हेड मास्टर भावना खन्ना ने बताए जीवन के अनुभव
- अपराजिता 100 मिलिन स्माइल्स अभियान को बताया सकारात्मक प्रयास

विज्ञापन
Bhawna tells Amar Ujala Aprajita campaign son Endured sickness taught tolerance and positiveity
भावना खन्ना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चुनौतियां हर इंसान के जीवन में आती हैं, लेकिन यदि वह हार ना माने और अपनी राह पर बढ़ता जाए तो जीवन को नए मायने मिल सकते हैं। ऐसी ही सोच के साथ आगे बढ़ने वाली महिला हैं भावना खन्ना, जो हर चुनौती का सामना कर आगे बढ़ने में यकीन रखती हैं। भावना दिल्ली पब्लिक स्कूल गौतमबुद्ध नगर में सीनियर स्कूल हेड मास्टर हैं। वह कहती हैं कि बेटे की लाइलाज बीमारी ने उन्हें सहनशीलता और सकारात्मकता सिखाई है, जो उनके जीवन में बदलाव लेकर आया। 

विज्ञापन


भावना ने बताया कि उनका जन्म कानपुर में हुआ और वहीं, शिक्षा पूरी की। वह एसएससी गोल्ड मेडलिस्ट हैं। पढ़ाई पूरी होने पर कानपुर में ही उन्होंने स्कूल में शिक्षण का कार्य शुरू किया। शादी के बाद उन्हें नोएडा शिफ्ट होना पड़ा। यहां वह अलग-अलग शिक्षण संस्थानों से जुड़ी और पिछले 13 साल से डीपीएस में कार्यरत हैं। शादी के कुछ दिन बाद उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। लेकिन यह उनके और परिवार के लिए खुशी से ज्यादा चुनौती भरा समय था। बेटे को जन्म से ही लाइलाज बीमारी थी। जिससे उसका मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों के बीच संतुलन नहीं स्थापित हो पा रहा था। बीमारी के चलते उसका सामान्य विकास मुमकिन नहीं था। साथ ही उसके बहुत समय तक जीवित रहने की संभावना भी नहीं थी।
विज्ञापन


भावना ने बताया कि बच्चे के साथ रहकर उन्होंने सहनशीलता सीखी। क्योंकि वह सामान्य से अलग था और उसका जीवन बचपन से ही कठिनाइयों भरा था। उस बच्चे ने मुझे धैर्य और सकारात्मकता सिखाई, जो जिंदगी भर मेरे साथ रहेगी। 14 साल की उम्र में बेटे का निधन हो गया। लेकिन वह मुझे कई महत्वपूर्ण सबक सिखाकर गया। आज मेरी पांच साल की बेटी है, मैं उसे बेहद मजबूत एवं सकारात्मक सोच के साथ बड़े होते देखना चाहती हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भावना कहती हैं कि महिलाओं के लिए सकारात्मक होना बेहद जरूरी है, तब ही वह संघर्षों का बेहतर ढंग से सामना कर सकती हैं। आजकल के उतार चढ़ाव भरे जीवन में लोग बहुत जल्दी तनावग्रस्त हो जाते हैं, ऐसे में सकारात्मक होना जरूरी है। भावना स्कूल में स्वच्छता मिशन को तवज्जो देती हैं। उन्होंने कहा कि जब बच्चे स्वच्छता को अपनाएंगे तो बेहतर स्वास्थ्य भी मिलेगा। जिससे एक बेहतर नई पीढ़ी का विकास हो सकेगा। अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम के लिए भावना ने कहा कि यह औरतों के जीवन में बेहतरी का एक सकारात्मक प्रयास है, जो निरंतर ऐसे ही चलना चाहिए, ताकि एक बेहतर परिवर्तन आ सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed