आईपीएल से जुड़ें इस शर्मनाक धंधे में सामने आ सकते हैं कई बड़े नाम
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सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार को आईपीएल के मैच में सट्टा लगवा रहे तीन लोगों को रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपियों के पास से सात मोबाइल, एक एलसीडी टीवी और सेशन बॉक्स (सट्टे के दाम तय करने वाला नेटवर्क आधारित यंत्र) बरामद किया गया। सटोरियों का सरगना फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
सोमवार को चेन्नई सुपर किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बंगलूरू के बीच मैच चल रहा था। इस दौरान मुखबिर ने क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 प्रभारी नरेंद्र चौहान को सेक्टर-16 बाजार स्थित राकेश भाटी की दुकान में सट्टा लगने की सूचना दी। इसके बाद नरेंद्र चौहान ने टीम के साथ दुकान पर छापा मारा।
दुकान में तीन लोग फोन पर सट्टे के भाव तय करते मिल गए। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की एम-4 16/3 रतनलाल नगर, कानपुर (यूपी) निवासी सौरभ, सेक्टर-18, फरीदाबाद निवासी सोनू उर्फ सुनील और सेक्टर-16 निवासी दुकान संचालक राकेश भाटी के रूप में हुई।
दिल्ली से चल रहा था नेटवर्क
सीआईए प्रभारी ने बताया कि सट्टेबाजों का सरगना एनआईटी-5 निवासी राजू फरार है। तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इसमें कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है।
सीआईए प्रभारी ने बताया कि सटोरियों ने दिल्ली से लाइन और सेशन बॉक्स लिया है। इस बॉक्स के जरिये ही ऊपर बैठे सटोरिये रेट तय करते हैं। एक ओवर को सेशन बोला जाता है। इसमें हर गेंद पर रन, विकेट आदि के आधार पर भाव तय किया जाता है।
राजू ने ही दिल्ली से फोन पर लाइन ले रखी थी, जिस पर उनके पास मैच पर लगाने के लिए रेट आ रहे थे। फोन पर मिल रहे रेट के आधार पर तीनों बुकी आगे मैच पर सट्टा लगाने वाले पंटरों (छोटे दलाल) को रेट देते थे।