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Delhi NCR News: खुदाई से बेहाल सड़कों के बहुरेंगे दिन, पीडब्ल्यूडी ने बनाया प्लान
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पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी, कड़कड़डूमा, अक्षरधाम के आसपास के इलाकों की सड़कें हैं खराब
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
जिले के विभिन्न इलाकों में सीवर, पानी और अन्य विकास कार्यों के नाम पर की गई अंधाधुंध खुदाई के कारण बदहाल हो चुकी सड़कों के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पूर्वी सड़क उप-संभाग-I, II, III और IV के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की विशेष मरम्मत और बहाली के लिए करीब एक करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस पहल से स्थानीय नागरिकों और रोजाना इन मार्गों से गुजरने वाले हजारों राहगीरों को गड्ढामुक्त और सुगम आवागमन की सौगात मिलने जा रही है।
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी, कड़कड़डूमा, अक्षरधाम के आसपास के इलाकों और पूर्वी सड़क संभाग के अंतर्गत आने वाले चारों उप-संभागों के स्थानीय निवासियों को इन दिनों सड़कों की खस्ताहाली से भारी जूझना पड़ रहा है। अलग-अलग एजेंसियों द्वारा समय-समय पर सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने के कारण यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके चलते स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर जाने वाले आम लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल और बारिश के दिनों में जलभराव व कीचड़ के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। इस योजना के धरातल पर उतरने से पूर्वी दिल्ली के इन तमाम इलाकों की जनता को इन पुरानी और गंभीर समस्याओं से सीधी राहत मिलेगी।
सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : सड़क निर्माण और डामरीकरण के कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो इसके लिए विभाग ने तकनीकी मापदंडों को बेहद कड़ा कर दिया है। इस पूरी परियोजना के तहत निर्माण कार्य में अत्याधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा।
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बैच टाइप प्लांट की अनिवार्यता : बिटुमिनस मैकाडम, डेंस बिटुमिनस मैकाडम और बिटुमिनस कंक्रीट के लिए आवश्यक डामर मिश्रण तैयार करने के लिए 100 से 120 टीपीएच क्षमता वाले केवल बैच टाइप प्लांट का उपयोग किया जाएगा जो इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणालियों से लैस होगा।
इलेक्ट्रॉनिक सेंसर पेवर मशीनों का प्रयोग :
डामर की परतों को करीने से बिछाने के लिए स्व-चालित हाइड्रॉलिक पेवर फिनिशर का उपयोग किया जाएगा जो इलेक्ट्रॉनिक सेंसर नियंत्रण से युक्त होंगे। यह तकनीक सड़क की सतह के स्तर, ढलान और समतलता को बिल्कुल सटीक बनाए रखती है जिससे भविष्य में सड़कों पर गड्ढे उभरने की आशंका न के बराबर रह जाती है। सड़कों को लंबे समय तक मजबूती देने के लिए प्रारंभिक, मध्यवर्ती और अंतिम चरण के रोलिंग के लिए निर्धारित क्षमता वाले स्मूथ व्हील, वाइब्रेटरी और टैंडम रोलर्स का उपयोग किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली।
जिले के विभिन्न इलाकों में सीवर, पानी और अन्य विकास कार्यों के नाम पर की गई अंधाधुंध खुदाई के कारण बदहाल हो चुकी सड़कों के दिन अब जल्द ही बहुरने वाले हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पूर्वी सड़क उप-संभाग-I, II, III और IV के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों की विशेष मरम्मत और बहाली के लिए करीब एक करोड़ रुपये की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। इस पहल से स्थानीय नागरिकों और रोजाना इन मार्गों से गुजरने वाले हजारों राहगीरों को गड्ढामुक्त और सुगम आवागमन की सौगात मिलने जा रही है।
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी, कड़कड़डूमा, अक्षरधाम के आसपास के इलाकों और पूर्वी सड़क संभाग के अंतर्गत आने वाले चारों उप-संभागों के स्थानीय निवासियों को इन दिनों सड़कों की खस्ताहाली से भारी जूझना पड़ रहा है। अलग-अलग एजेंसियों द्वारा समय-समय पर सड़कें खोदकर छोड़ दिए जाने के कारण यहां जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। इसके चलते स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दफ्तर जाने वाले आम लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। सड़कों पर उड़ने वाली धूल और बारिश के दिनों में जलभराव व कीचड़ के कारण लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। इस योजना के धरातल पर उतरने से पूर्वी दिल्ली के इन तमाम इलाकों की जनता को इन पुरानी और गंभीर समस्याओं से सीधी राहत मिलेगी।
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सड़क निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं : सड़क निर्माण और डामरीकरण के कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो इसके लिए विभाग ने तकनीकी मापदंडों को बेहद कड़ा कर दिया है। इस पूरी परियोजना के तहत निर्माण कार्य में अत्याधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों का अनिवार्य रूप से उपयोग किया जाएगा।
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बैच टाइप प्लांट की अनिवार्यता : बिटुमिनस मैकाडम, डेंस बिटुमिनस मैकाडम और बिटुमिनस कंक्रीट के लिए आवश्यक डामर मिश्रण तैयार करने के लिए 100 से 120 टीपीएच क्षमता वाले केवल बैच टाइप प्लांट का उपयोग किया जाएगा जो इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणालियों से लैस होगा।
इलेक्ट्रॉनिक सेंसर पेवर मशीनों का प्रयोग :
डामर की परतों को करीने से बिछाने के लिए स्व-चालित हाइड्रॉलिक पेवर फिनिशर का उपयोग किया जाएगा जो इलेक्ट्रॉनिक सेंसर नियंत्रण से युक्त होंगे। यह तकनीक सड़क की सतह के स्तर, ढलान और समतलता को बिल्कुल सटीक बनाए रखती है जिससे भविष्य में सड़कों पर गड्ढे उभरने की आशंका न के बराबर रह जाती है। सड़कों को लंबे समय तक मजबूती देने के लिए प्रारंभिक, मध्यवर्ती और अंतिम चरण के रोलिंग के लिए निर्धारित क्षमता वाले स्मूथ व्हील, वाइब्रेटरी और टैंडम रोलर्स का उपयोग किया जाएगा।