फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Before the new session, colleges started forming committees to stop ragging.

Delhi NCR News: नए सत्र से पहले कॉलेजों ने रैगिंग रोकने के लिए बनानी शुरू की कमेटी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 May 2024 07:11 PM IST
विज्ञापन
नए सत्र से पहले कॉलेजों ने रैगिंग रोकने के लिए बनानी शुरू की कमेटी
विज्ञापन

यूजीसी व डीयू की ओर से जारी गाइडलाइंस को लागू कर रहे कॉलेज

अरबिंदो कॉलेज ने रैगिंग मुक्त बनाने के लिए गठित की कमेटी

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। यूजीसी व डीयू प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए कॉलेजों-संस्थानों ने अपने परिसरों में रैगिंग को रोकने के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं। कॉलेजों व संस्थानों ने यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में शैक्षिक सत्र 2024-25 की दाखिला प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व विद्यार्थियों के लिए अपने-अपने स्तर पर कमेटियां बनानी शुरू कर दी हैं। कमेटी में शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसी कड़ी में अरबिंदो कॉलेज ने यूजीसी के निर्देशों का पालन करते हुए कमेटी का गठन किया है।
अरबिंदो कॉलेज एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्य डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि कॉलेज में रैगिंग रोकने के लिए कमेटी गठित की गई है। किसी भी छात्र की ओर से कॉलेज में किसी अन्य छात्र को बोले गए अपशब्द, लिखित सामग्री अथवा किसी अन्य प्रकार से जूनियर छात्र को परेशान करने के उद्देश्य से उसके साथ अशिष्टता या दुर्व्यवहार रैगिंग की श्रेणी में आएगा। इसके अलावा स्टूडेंट्स ग्रीवेंस कमेटी, इंटरनल कंपलेंट कमेटी तथा स्कॉलरशिप सेल आदि का बोर्ड सूचनापट्ट पर लगाया गया है।
विज्ञापन


उन्होंने जानकारी दी कि यूजीसी ने डीयू समेत सभी शिक्षण संस्थानों-कॉलेजों को रैगिंग से संबंधित सख्त निर्देश जारी किए हैं। इसमें रैगिंग रोकने के उपायों को आवश्यक रूप से लागू करने पर जोर दिया गया है। इसके लिए कॉलेज में एंटी रैगिंग सेल बनाने, वर्कशॉप करने, कैंप लगाकर कानूनी पहलुओं के विषय में बताने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि रैगिंग को रोकने के लिए एंटी रैगिंग कमेटी दस्तों की स्थापना, एंटी रैगिंग सेल का गठन करने के अलावा कमेटी कॉलेज की महत्वपूर्ण जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, समय-समय पर विद्यार्थियों के साथ बातचीत करने का कार्य करेगी। डॉ. सुमन ने बताया है कि रैगिंग को लेकर इस साल यूजीसी ने सख्त कदम उठाए हैं, यूजीसी ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव और कॉलेज प्रिंसिपल की भी जवाबदेही तय की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed