फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Narendra Modi starts campaigning for Delhi Elections 2015

बेदी-बेदी नहीं, शुरू हुआ मोदी-मोदी का शोर

Fri, 30 Jan 2015 02:43 PM IST
Updated Fri, 30 Jan 2015 02:43 PM IST
विज्ञापन
Narendra Modi starts campaigning for Delhi Elections 2015

दिल्ली चुनाव में किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बना पार्टी का चेहरा बना चुकी भाजपा ने अब अपनी रणनीति बदल ली है। आम आदमी पार्टी के साथ कांटे की टक्कर में बेदी दांव से भी खास लाभ न मिलता देख पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से पीएम नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांगने का फैसला किया है।

विज्ञापन


हालांकि, बेदी पहले की तरह धुआंधार प्रचार करती रहेंगी, मगर पार्टी नेतृत्व ने चुनाव प्रचार के लिए उतारे गए देश भर के नेताओं को मोदी के नाम पर ही वोट मांगने का निर्देश दिया है। यही नहीं अगर मोदी की चार रैलियों में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ जुटी तो पार्टी उनकी रैलियों की संख्या भी बढ़ा सकती है।
विज्ञापन


पार्टी में अंदरखाने अब वरिष्ठ नेता स्वीकार कर रहे हैं कि बीते चार विधानसभा चुनाव की तरह दिल्ली में भी महज मोदी को चेहरा बनाया जाना ज्यादा कारगर रणनीति साबित होती। पार्टी की मुश्किल यह है कि बेदी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद भाजपा और संघ के कार्यकर्ता भी दिल से चुनाव प्रचार में खुद को नहीं झोंक रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आंतरिक सर्वे में अल्पसंख्यक, दलित, सिख वर्ग के मतदाताओं का आम आदमी के प्रति गहरा झुकाव कायम रहने संबंधी आंकड़े ने भी पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। यही कारण है कि पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने न केवल केंद्रीय मंत्रियों और केंद्रीय नेताओं को एक-एक विधानसभा सीट की जिम्मेदारी दी है, बल्कि यह भी कहा कि संबंधित सीटों पर हार-जीत की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।

हर सीट पर वरिष्ठ नेता करेगी तीन-तीन रैलियां

Narendra Modi starts campaigning for Delhi Elections 2015

शाह ने हर सीट पर वरिष्ठ नेताओं की हर हाल में कम से कम तीन रैलियां करने का निर्देश भी दिया है। इस क्रम में पार्टी ने कई केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, राज्य सरकार में मंत्रियों और पदाधिकारियों को चुनाव मैदान में झोंक दिया है।

अतिविशिष्ट सूत्र के मुताबिक बेदी को चेहरा बनाए जाने के शुरुआती दो दिनों तक भाजपा का ग्राफ जरूर बढ़ा था, मगर अब यह ग्राफ ठहर गया है। बेदी की रैलियों में भीड़ न जुटने के कारण चिंतित उम्मीदवार मोदी की रैलियों की मांग कर रहे हैं।

बेदी मामले में वकीलों और व्यापारियों में असमंजस की स्थिति से भी नेतृत्व परेशान है। इस बीच पार्टी नेतृत्व ने बेदी को विवादास्पद मुद्दों पर बयानबाजी से बचने की सलाह दी है। पार्टी नेतृत्व ने देशभर के नेताओं को चुनाव में झोंकने के अलावा केंद्रीय मंत्रियों को केजरीवाल पर हमले की जिम्मेदारी देकर इस आशय का संदेश दिया है।

केजरीवाल के खिलाफ लड़ रही है पूरी बीजेपी

Narendra Modi starts campaigning for Delhi Elections 2015

हालांकि, देशभर की फौज उतारने के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूड़ी ने कहा कि चाहे कोई केंद्रीय मंत्री हो या फिर प्रधानमंत्री ही क्यों न हो। वह पहले भाजपा का कार्यकर्ता है। पार्टी जरूरत के मुताबिक चुनावों में सबकी भूमिका तय करती है।

बेदी को चेहरा बनाए जाने से नाराज संघ कार्यकर्ताओं को मनाने और हालात संभालने के लिए संघ के सहकार्यवाह और भाजपा का प्रभार देख रहे कृष्णगोपाल ने कार्यकर्ताओं से कबड्डी की तरह सांस रोक कर मैदान में उतरने और काम हो जाने के बाद वापस लौटने के लिए कहा है।

पीएम की रैलियों में भीड़ जुटी तो इसकी संख्या बढ़ाई जा सकती है। जरूरत पड़ी तो अंतिम दिन रामलीला मैदान में उनकी बड़ी रैली कराई जा सकती है। इसके अलावा पार्टी अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे को भी भुनाने में जुटी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed