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पति नपुंसक निकला तो महिला ने किया ऐसा काम

Mon, 27 Apr 2015 02:06 PM IST
Updated Mon, 27 Apr 2015 02:06 PM IST
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because of neutering husband wife told 'Brother-in-law is rapist'

एक महिला ने अपने नपुंसक पति से छुटकारा पाने के लिए पूरे परिवार को ही दहेज प्रताड़ना, रेप, छेड़छाड़ के फर्जी मामले में फंसा दिया।

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बाद में समझोता होने पर तलाक व पैसे मिलने पर महिला ने माना कि उससे छुटकारा पाने के लिए झूठी शिकायत की थी। अदालत ने पूरे मामले को फर्जी करार देते हुए पति सहित अन्य सभी को इस आरोप से बरी कर दिया।

द्वारका स्थित फास्ट कोर्ट के न्यायाधीश विरेन्द्र भट्ट ने अपने फैसले में कहा कि सभी तथ्यों को देखने से स्पष्ट है कि महिला अपने पति के नपुंसकता के कारण परेशान थी।

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ससुर और जेठ पर लगा दिया रेप का आरोप

because of neutering husband wife told 'Brother-in-law is rapist'

यही कारण है कि उसका पति व अन्य लोगों से तनावपूर्ण संबंध थे। अदालत ने कहा कि महिला ने अपने बयानों में भी माना है कि उसने फर्जी केस दर्ज करवाया था।


अदालत ने कहा कि मात्र इसी कारण वह अपने मायके चली गई और अपने ससुर व जेठ पर रेप व अप्राकृतिक सेक्स करने, छेड़छाड व धमकियां देने का फर्जी मामला दर्ज करवा दिया।

अदालत ने कहा कि महिला का उद्देश्य ससुराल पक्ष पर उसे तलाक देने के लिए दवाब बनाना था। अदालत ने कहा कि गवाही के दौरान भी महिला ने पूरी तरह से विरोधाभास पूर्ण बयान दिया है।

कहा पुलिस के दबाव में लगाए ऐसे आरोप

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महिला ने माना कि उसका पति नपुंसक है और इसी कारण उसका वैवाहित जीवन सफल नहीं रहा था। इसके अलावा महिला ने कहा कि उसने पुलिस के दवाब में ऐसे आरोप लगाए थे।


इस मुकदमें में कारण पुलिस ने पति को गिरफ्तार कर लिया था जबकि अदालत ने परिवार के अन्य सदस्यों को अग्रिम जमानत दे दी थी।

अदालत ने महिला के बयानों के आधार पर मामले को फर्जी करार देते हुए पति के अलावा महिला के सास-ससुर, तीन भाई, दो भाभी को देहज प्रताड़ना, अमानत में ख्यानत, रेप, जान से मारने की धमकियां देने, छेड़छाड़ इत्यादि आरोप से बरी कर दिया।

अदालत ने पाया कि इस केस के लंबित रहने के दौरान महिला पति से तलाक लेने में सफल रही और समझोते के आधार पर गुजारे भत्ते के लिए पैसे भी ले लिए। अदालत ने कहा कि स्पष्ट है कि महिला ने अपने उदेश्य की पूर्ति के लिए फर्जी आरोप लगाए थे।

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क्या था मामला-

because of neutering husband wife told 'Brother-in-law is rapist'

महिला ने वर्ष 2014 में दायर अपनी शिकायत में कहा था कि उसका विवाह 2013 फरवरी में हुआ था और एक महीने के भीतर ही उसके पति और ससुराल वालों ने उसे शारीरिक प्रताड़ना देनी शुरू कर दी।


इसके अलावा उन्होंने सोने के आभूषण के अलावा 10 लाख रुपये दहेज की मांग की। इतना ही नहीं महिला ने आरोप लगाया कि ससुर व जेठ ने उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए व धमकी दी।

उसके बाद उसने ससुर और जेठ समेत अन्य लोगों पर केस कर दिया।

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