32 प्वाइंट के चलते जाम होती है दिल्ली ,सम-विषम के बाद सीएजी गाड़ियों में इजाफा
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राजधानी में 32 प्वाइंट के चलते दिल्ली जाम होती है। सम-विषम के दौरान ट्रैफिक जाम के कारणों की निगरानी के दौरान इन स्थानों की पहचान हुई है। हालांकि इन स्थानों के चलते जाम लगने से यात्रियों को दिक्कत न हो, इसके लिए अधिकारियों की टीम सड़कों पर तैनात रहेगी।
यह कहना है कि परिवहन मंत्री गोपाल राय का। मंत्री के मुताबिक, पहले सम-विषम के बाद दूसरे चरण में सीएनजी गाड़ियों की संख्या में इजाफा हुआ है।
दिल्ली सचिवालय में बृहस्पतिवार को गोपाल राय ने बताया कि बदरपुर बार्डर, कालिंदी कुंज, आश्रम रोड, खजानी इंस्टीट्यूट देवली, साउथ एक्सटेंशन फ्लाईओवर से नीचे उतरने पर, सफदरजंग, सराय कालेखां आईएसबीटी, उत्तम नगर बस टर्मिनल, द्वारका मोड़, द्वारका सेक्टर-1, खजूरी खास मेन चौराहा, आनंद विहार आईएसबीटी, डीएलएफ मोड़, सीमापुरी, सीलमपुर फ्लाईओवर, शास्त्री पार्क, लोनी गोलचक्कर, मयूर विहार फेज-2, आईटीओ, लक्ष्मी नगर मेट्रो स्टेशन, पीरागढ़ी, इंद्रलोक-शास्त्री नगर, कश्मीरी गेट आईएसबीटी, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, बुद्ध विहार, मंगोलपुरी, आजादपुर मंडी, सिंघु बार्डर, भैरों मार्ग, मधुबन चौक व संगम विहार में जाम लगता है।
ये रहे जरूरी आंकड़े
- एक जनवरी 2016 से 14 अप्रैल तक कुल एक हजार ई-रिक्शा का पंजीकरण हुआ है। इस दौरान 1,63,907 नए वाहन रजिस्टर किए गए हैं, जिसमें 1,44,005 प्राइवेट और 19,902 कॅमर्शियल गाड़ियां थीं। जबकि एक सितंबर 2015 से 31 दिसंबर 2015 के बीच कुल 2,14,394 नई गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन हुआ था, जिसमें से 22,934 कॅमर्शियल गाड़ियां थीं।
--एक जनवरी 2016 से 14 अप्रैल 2016 तक कुल 12,126 वाहन सीएनजी में बदले गए। जबकि एक सितंबर 2015 से 31 दिसंबर 2015 तक 5,463 वाहन सीएनजी किट में बदले गए।
- सम-विषम पार्ट वन के दौरान 3,90,000 गाड़ियों को सीएनजी स्टीकर दिए गए थे। जबकि सम-विषम पार्ट दो में अभी तक कुल 20,000 वाहनों को सीएनजी स्टीकर दिए गए हैं।