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होली पर सतर्कता से करें रंगों का प्रयोग, त्वचा हो सकती है खराब
Wed, 20 Mar 2019 02:58 AM IST
vivek shukla
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 20 Mar 2019 02:58 AM IST
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होली के दौरान रंगों के इस्तेमाल में सतर्कता जरूरी है। रसायनयुक्त रंगों के इस्तेमाल से त्वचा को नुकसान पहुंचता है। लोकनायक अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल कोचर के मुताबिक, इनसे त्वचा से संबंधित कई तरह के रोग हो सकते हैं, जो आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाते हैं। साथ ही उन्होंने होली खेलने से पहले शरीर पर नारियल का तेल या अन्य क्रीम लगाने की सलाह दी है, ताकि रंग शरीर पर चढ़ न सकें।
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एशियन अस्पताल के डॉ. निखिल सेठ का कहना है कि सिंथेटिक या सूखे रंगों में लेड जैसी भारी धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है। इनसे एलर्जी, कंजक्टिवाइटिस, केमिकल बर्न (जलन), खरोंच के साथ आंख में अंदरूनी चोट लग सकती है। आई-7 क्लिनिक के निदेशक डॉ. संजय चौधरी का कहना है कि आंखों में पानी आना, तेज दर्द, सूजन, खुजली, धुंधला दिखाई देना, लालिमा हो जाती है।
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आई फ्लू का खतरा भी बना रहता है। रंगों के मोटे कणों के आंखों में प्रवेश करने से सतह पर खरोंच आ जाती है। इस कारण धुंधला दिखाई देता है। इससे कुछ समय या फिर हमेशा के लिए अंधेपन तक की समस्या आ सकती है।
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सस्ता रंग, महंगा इलाज
मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि सस्ते रंग के कारण लोगों को महंगे इलाज की मार पड़ सकती है। उन्हें तय करना है कि दुकान पर बिकने वाले रंग की गुणवत्ता क्या है? मच्छर मारने वाली दवाओं की बोतल में मिल रहे स्प्रे को कतई नहीं खरीदें। ये सीधे तौर पर स्वास्थ्य को नुकसान दे सकते हैं।