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दिल्ली: डिजिटल अरेस्ट कर सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से 1.25 करोड़ ठगे, अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़; 11 गिरफ्तार

Wed, 14 Oct 2026 02:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 14 Oct 2026 02:09 AM IST
सार

पुलिस ने कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

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Delhi: Retired scientist swindled out of ₹1.25 crore via 'digital arrest'
demo - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दिल्ली पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 1.25 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कंबोडिया और दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच के दौरान संदिग्ध बैंक खातों में 1.96 करोड़ रुपये पर रोक भी लगाई गई है।

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इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पूर्व निदेशक प्रदीप कुमार दास (69 वर्षीय) से यह ठगी हुई थी। उन्हें 14 अगस्त को फोन आया था, जिसमें खुद को दिल्ली पुलिस, आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) अधिकारी बताया गया। आरोपियों ने धनशोधन मामले में आधार विवरण के दुरुपयोग का दावा कर गिरफ्तारी की धमकी दी।
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पुलिस उपायुक्त गौरव त्यागी ने बताया कि आरोपियों ने दास के बैंक खाते का विवरण हासिल किया। उन्हें तीन बैंक खातों में 1.25 करोड़ रुपये आरटीजीएस के जरिये स्थानांतरित करने पर मजबूर किया गया। इस दौरान पीड़ित को लगातार वीडियो निगरानी में रखा गया था। स्पेशल सेल थाने में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने धन के लेनदेन का पता लगाया और गिरोह के सदस्यों की पहचान की।
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गिरोह का संचालन और गिरफ्तारी : जांच में पता चला कि गिरोह साइबर अपराधों के लिए बैंक खाते उपलब्ध करा रहा था। वे ''''एमआर ट्रेडर्स'''' के नाम से एक बैंक खाता संचालित कर रहे थे। पुलिस ने द्वारका के सेक्टर-7 में छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें मोहम्मद महफूजार रहमान, इजहार आलम, अल्ताफ हुसैन, इंतखाब और अनीश खान शामिल थे। अनीश खान गिरोह का मुख्य संचालक था, जो टेलीग्राम के जरिये विदेश में बैठे सहयोगियों के संपर्क में रहता था। उसे कमीशन के तौर पर 5.5 फीसदी राशि अमेरिकी डॉलर से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी यूएसडीटी में मिलती थी।

अन्य मामलों से संबंध और बचाव : पुलिस ने दास से ठगी के मामले में छह अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। इनकी पहचान नीरज कुमार मित्तल, कंवर पाल, सैफ अली खान, रणबीर, प्रभात राय और अनिल सागू के रूप में हुई। इन आरोपियों ने बैंक खाते उपलब्ध कराने और लेनदेन में मदद करने में भूमिका निभाई। जांच में आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के मामलों से भी गिरोह के संबंध सामने आए। आंध्र प्रदेश में 79 वर्षीय बोप्पना बापाराव से 10.25 करोड़ रुपये ठगे गए थे। आंध्र प्रदेश पुलिस के समन्वय से ठगी की रकम में से 7.25 करोड़ रुपये बचा लिए गए।


व्यापक धोखाधड़ी और आगे की जांच : पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में एक शिकायतकर्ता से 21 लाख रुपये की निवेश धोखाधड़ी हुई थी। यह रकम भी ''''एमआर ट्रेडर्स'''' के खाते में जमा हुई थी। दिल्ली पुलिस द्वारा जून में दर्ज एक अन्य डिजिटल अरेस्ट मामले में 77 लाख रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल फोन और एक चेकबुक जब्त की है। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 78 शिकायतों से इस गिरोह के संबंध सामने आए हैं, जिनमें कुल 73 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का उल्लेख है। धन के लेनदेन का पता लगाने और विदेश में बैठे संचालकों की भूमिका की आगे जांच की जा रही है।

 

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