अक्षरधाम मंदिर के पास ड्रोन: जांच एजेंसियों के होश उड़े, स्पेशल सेल और IB समेत तमाम खुफिया एजेंसियां पहुंची
सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल, आईबी समेत तमाम खुफिया एजेंसियों के लोग भी वहां पहुंच गए। महिला को मंडावली थाना लाकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआत में महिला खुद को स्वतंत्र फोटो पत्रकार (फोटोग्राफर) बता रही थी।
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पूर्वी दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर के पास सोमवार ड्रोन उड़ने की खबर मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मंदिर परिसर के नजदीक ड्रोन देखकर सुरक्षा कर्मियों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। खबर मिलते ही जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। छानबीन के दौरान पता चला कि ड्रोन रिमोट की मदद से एक बांग्लोदशी महिला उड़ा रही थी।
फौरन ड्रोन और रिमोट को कब्जे में लेकर महिला को हिरासत में ले लिया गया। इस बीच सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल, आईबी समेत तमाम खुफिया एजेंसियों के लोग भी वहां पहुंच गए। महिला को मंडावली थाना लाकर उससे गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआत में महिला खुद को स्वतंत्र फोटो पत्रकार (फोटोग्राफर) बता रही थी।
महिला की पहचान मोमो मुस्तफा (33 वर्ष) निवासी ढाका, बांग्लादेश के रूप में हुई है। मोमो मुस्तफा बीबीए पास है और अब बांग्लादेश में फोटोग्राफी करती है। मई 2023 में उसे छह महीने के लिए पर्यटक वीजा मिला है। महिला अनुमति के बिना वहां ड्रोन उड़ाते पकड़ी गई है। थाना मंडावली ने आईपीसी की धारा 188 के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है।
इस बात का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा था कि महिला की अक्षरधाम मंदिर के पास ड्रोन उड़ाने की क्या मंशा थी। पुलिस ने देर शाम बांग्लादेश दूतावास को भी इस संबंध में जानकारी दे दी थी। पुलिस ने महिला का मोबाइल फोन व बाकी दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिये हैं। फिलहाल देर रात तक उससे पूछताछ जारी थी।
बता दें कि दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर हमेशा ही आतंकवादियों के निशाने पर रहा है। अक्सर उस पर हमला करने की धमकी भी मिलती रही हैं। ऐसे में अक्षरधाम मंदिर के पास हमेशा ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बंदोबस्त रहते हैं। यहां पर ड्रोन या ऐसे किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सोमवार को लोगों ने अंदर के पास ड्रोन उड़ते देखा तो उनके होश उड़ गए।
फौरन पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त अमरुथा गुगुलोथ वहां पर पहुंच गई। फिलहाल महिला से पूछताछ जारी है। बता दें कि अक्षरधाम मंदिर दिल्ली ही नहीं देश के महत्वपूर्ण स्थालों में से एक है। यहां देश-विदेश के हजारों लोग दर्शन के लिए आते हैं। वर्ष 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन के लिए इसके नजदीक गेम्स विलेज बनाया गया था।